देश और मध्य प्रदेश के मौसम में इस समय एक बेहद दिलचस्प और बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस वक्त आसमान में पश्चिमी और पूर्वी हवाओं के बीच एक बड़ा ‘संघर्ष’ (Winds Confrontation) चल रहा है। अरब सागर से आ रही ठंडी, नमी युक्त पश्चिमी हवाएं और बंगाल की खाड़ी से उठने वाली पूर्वी हवाएं आपस में टकरा रही हैं। इस मौसमी सिस्टम के सक्रिय होने से गुजरात और राजस्थान के रास्ते पूरे मध्य प्रदेश में पश्चिमी बादलों का डेरा जम गया है, जिसके चलते कई जिलों में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है। वहीं दूसरी ओर, कुछ दिनों की सुस्ती के बाद मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़कर दक्षिणी राज्यों में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मध्य प्रदेश का हाल: भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत कई जिलों में अलर्ट
पश्चिमी बादलों के इस मजबूत सिस्टम के कारण मध्य प्रदेश के मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर-चंबल संभाग के कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने और आंधी चलने का सिलसिला शुरू हो चुका है। मौसम केंद्र के अनुसार, गुजरात और राजस्थान से सटे सीमावर्ती जिलों (जैसे झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, नीमच और श्योपुर) में अगले 24 से 48 घंटों के भीतर भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी और पश्चिमी हवाओं के इस टकराव से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को भीषण उमस और गर्मी से बड़ी राहत मिली है।
देश का मौसम: दक्षिणी राज्यों में मानसून की ‘सेकंड इनिंग’ शुरू
राष्ट्रीय स्तर पर बात करें तो केरल और कर्नाटक के तटों पर ठिठका हुआ मानसून अब फिर से सक्रिय हो गया है। दक्षिण के राज्यों (तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना) में मानसूनी हवाओं की ‘सेकंड इनिंग’ शुरू होने से वहां भारी बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग (IMD) का अनुमान है कि दक्षिणी राज्यों में मूसलाधार बारिश का यह दौर अगले 4-5 दिनों तक जारी रहेगा, जिससे मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां बेहद अनुकूल हो जाएंगी। इसके अलावा, गुजरात के तटीय इलाकों और राजस्थान के रेगिस्तानी अंचलों में भी प्री-मानसूनी बादलों ने मौसम खुशनुमा बना दिया है।

















