मध्य प्रदेश के सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त हुए बुजुर्ग पेंशनरों और उनके परिवारों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और नीतिगत खबर सामने आई है। राज्य सरकार के वित्त विभाग (Finance Department) ने वरिष्ठ पेंशनभोगियों को मिलने वाली 20 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन (Additional Pension) की पात्रता को लेकर चल रहे लंबे भ्रम को पूरी तरह दूर कर दिया है। वित्त विभाग द्वारा जारी नए और आधिकारिक स्पष्टीकरण के मुताबिक, अब पेंशनर्स को 20 फीसदी अतिरिक्त पेंशन का लाभ 80 वर्ष की आयु पूर्ण (Complete) करने के बाद अगले महीने से ही देय होगा।
79 वर्ष पूरे होने और 80वें वर्ष में प्रवेश पर नहीं मिलेगा लाभ; आदेश जारी दरअसल, पेंशनर्स एसोसिएशन और कई बुजुर्ग पेंशनभोगियों के बीच यह भ्रम बना हुआ था कि जैसे ही वे अपनी आयु के 79 वर्ष पूरे कर 80वें वर्ष में प्रवेश (यानी 80वें साल के पहले दिन) करेंगे, वैसे ही वे इस बढ़े हुए आर्थिक लाभ के हकदार हो जाएंगे। इसी विषय पर वित्त विभाग ने आदेश जारी करते हुए साफ किया है कि नियमों के मुताबिक 80 वर्ष की आयु ‘पूर्ण’ करना अनिवार्य है, न कि 80वें वर्ष में प्रवेश करना। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी पेंशनर की जन्मतिथि 15 जून है, तो वह अगले वर्ष 14 जून को 80 वर्ष की आयु पूरी करेगा, जिसके बाद जुलाई महीने से उसे बढ़ी हुई पेंशन का भुगतान किया जाएगा।
कोर्ट के फैसलों और विधिक राय के बाद लिया गया निर्णय शासकीय सूत्रों के अनुसार, इस विषय को लेकर पूर्व में कई मामले अदालतों में भी पहुंचे थे। इंदौर हाई कोर्ट ने इस साल 16 जनवरी को सरकार के इसी पक्ष को सही ठहराया था, जबकि ग्वालियर हाई कोर्ट के एक अन्य मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा भी अंतरिम निर्देश दिए गए थे। इन सभी कानूनी और विधिक पहलुओं की बारीकी से समीक्षा करने के बाद वित्त विभाग के पेंशन विंग ने यह स्पष्टीकरण सर्कुलर जारी किया है।
85 वर्ष होने पर मिलेगी 30% ज्यादा पेंशन; आगे का स्लैब भी तय वित्त विभाग ने अपने आदेश में आगे के आयु स्लैब को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार:
- 80 वर्ष की आयु पूरी होने पर: मूल पेंशन की 20 प्रतिशत अतिरिक्त राशि मिलेगी।
- 85 वर्ष की आयु पूरी होने पर: मूल पेंशन की 30 प्रतिशत अतिरिक्त राशि अगले महीने से जुड़ जाएगी।
- इसी प्रकार, जैसे-जैसे पेंशनर की आयु 90, 95 और 100 वर्ष (पूर्ण) होगी, उनकी अतिरिक्त पेंशन का ग्राफ क्रमशः बढ़ता चला जाएगा।
शासन ने सभी कोषालय अधिकारियों (Treasury Officers) और बैंकों को निर्देशित किया है कि वे इस स्पष्टीकरण के आधार पर ही पेंशन प्रकरणों का मिलान और भुगतान सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी प्रकार के अतिरिक्त या गलत भुगतान की स्थिति निर्मित न हो।

















