मध्य प्रदेश में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। चुनाव की तारीखों के नजदीक आते ही मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। इसी सिलसिले में राजधानी भोपाल में कांग्रेस विधायक दल की एक हाई-प्रोफाइल बैठक आयोजित की गई, जिसमें चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति पर गंभीर मन्थन हुआ। बैठक में शीर्ष नेतृत्व ने विधायकों की एकजुटता सुनिश्चित करने और किसी भी संभावित नुकसान से बचने के लिए कई कड़े और एहतियाती कदमों पर विस्तृत चर्चा की।
क्रॉस वोटिंग का डर; ‘बाड़ेबंदी’ के विकल्प पर विचार सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी के भीतर संभावित क्रॉस वोटिंग (Cross Voting) की आशंकाओं को लेकर गहन समीक्षा की गई। विधायकों को टूटने से बचाने के लिए कांग्रेस नेतृत्व ‘बाड़ेबंदी’ जैसे पारंपरिक राजनैतिक विकल्पों पर भी विचार कर रहा है। बैठक में इस बात की भी संभावना जताई गई कि यदि आवश्यकता पड़ी, तो मतदान से ठीक पहले सभी कांग्रेसी विधायकों को एकजुट रखने के लिए किसी अन्य राज्य (गैर-भाजपा शासित या सुरक्षित राज्य) के रिसॉर्ट में शिफ्ट किया जा सकता है।
पार्टी लाइन का उल्लंघन करने पर मिलेगी सख्त सजा बैठक के दौरान कांग्रेस आलाकमान और प्रदेश नेतृत्व ने सभी विधायकों को कड़ा संदेश देते हुए स्पष्ट किया कि राज्यसभा चुनाव में पार्टी लाइन का अक्षरसः पालन करना अनिवार्य है। व्हिप का उल्लंघन करने या किसी भी संदिग्ध गतिविधि में शामिल पाए जाने पर संबंधित विधायक के खिलाफ तत्काल और सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। बैठक में वरिष्ठ नेताओं ने दावा किया कि कांग्रेस के सभी विधायक पूरी तरह एकजुट हैं और भाजपा के किसी भी ‘ऑपरेशन लोटस’ को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और कई वरिष्ठ विधायक मौजूद रहे।


















