मध्य प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को वैश्विक पटल पर चमकाने और उन्हें आर्थिक व सामाजिक सुरक्षा देने की दिशा में राज्य सरकार ने एक क्रांतिकारी और ऐतिहासिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार ने खेल कोटे के तहत पुलिस विभाग में सरकारी नौकरी पाने के नियमों को बेहद आसान बना दिया है। नए नियमों के मुताबिक, अब अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर देश व प्रदेश का नाम रोशन करने वाले मेडल विजेता खिलाड़ियों को बिना किसी लंबी परीक्षा के सीधे पुलिस विभाग में सब-इंस्पेक्टर (SI) और आरक्षक (Constable) जैसे प्रतिष्ठित पदों पर सीधी भर्ती का मौका मिलेगा।
ओलंपिक विजेताओं को ‘डबल स्टार’ की सौगात, नेशनल मेडल पर बनेंगे आरक्षक सरकार द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, खेल प्रतिभाओं का वर्गीकरण उनके मेडल के स्तर के आधार पर किया गया है। ओलंपिक खेल, एशियाई खेल (Asian Games), राष्ट्रमंडल खेल (Commonwealth Games) और वर्ल्ड चैंपियनशिप जैसे दुनिया के सबसे बड़े टूर्नामेंटों में पदक (गोल्ड, सिल्वर या ब्रॉन्ज) जीतने वाले खिलाड़ियों को सीधे सब-इंस्पेक्टर (SI) पद पर नियुक्त किया जाएगा। वहीं दूसरी ओर, राष्ट्रीय स्तर की आधिकारिक खेल प्रतियोगिताओं में मेडल जीतने वाले होनहार खिलाड़ी आरक्षक (Constable) पद के लिए सीधे पात्र माने जाएंगे। चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए मेडल के स्तर के हिसाब से विशेष अंक (Points) तय किए गए हैं, जिसमें ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट को सर्वोच्च प्राथमिकता और अंक मिलेंगे।
हाइट और डिग्री का झंझट खत्म; खेल अकादमी के छात्रों को मिलेगा पहला मौका खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार ने इस नीति में सबसे बड़ा यू-टर्न लेते हुए सामान्य पुलिस भर्ती के कड़े नियमों में भारी ढील दी है। अब खेल कोटे से होने वाली इस सीधी भर्ती में खिलाड़ियों को शारीरिक ऊंचाई (Height) और न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता (Educational Qualification) जैसी पारंपरिक शर्तों से पूरी तरह छूट दी जाएगी। इसका मतलब है कि अब कागजी डिग्री या शारीरिक लंबाई के कारण कोई भी खेल प्रतिभा देश सेवा से वंचित नहीं रहेगी। इस योजना का लाभ उठाने के लिए खिलाड़ी का मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना अनिवार्य है। साथ ही, मध्य प्रदेश राज्य खेल अकादमी में कम से कम 3 साल तक कड़ा प्रशिक्षण लेने वाले स्थानीय खिलाड़ियों को भर्ती में पहली प्राथमिकता दी जाएगी।
साल में एक बार निकलेगी स्पेशल वैकेंसी, विशेष कमेटी करेगी सीधी भर्ती इस पूरी व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए गृह विभाग और खेल विभाग के समन्वय से साल में एक बार विशेष रूप से केवल खिलाड़ियों के लिए वैकेंसी निकाली जाएगी। भर्ती और दस्तावेजों की कड़ाई से जांच के लिए एक उच्च स्तरीय ‘विशेष चयन समिति’ (Special Committee) का गठन किया जाएगा, जो बिना किसी लेट-लतीफी के सीधे मेरिट के आधार पर नियुक्ति पत्र जारी करेगी। सरकार के इस कदम से मध्य प्रदेश के ग्रामीण और शहरी अंचलों के युवाओं में खेलों के प्रति रुझान बढ़ेगा और वे भविष्य की चिंता किए बिना खेल मैदान में अपना शत-प्रतिशत दे सकेंगे।
















