मध्य प्रदेश शासन के गृह विभाग (Home Department) ने प्रशासनिक कसावट और अभियोजन कार्य को अधिक प्रभावी बनाने के लिए न्यायिक क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा फेरबदल किया है। कैबिनेट द्वारा तबादलों की समय-सीमा बढ़ाए जाने के तुरंत बाद गृह विभाग ने देर रात एक महा-सूची जारी करते हुए प्रदेश के 210 जिला लोक अभियोजन अधिकारियों (DPO) और सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारियों (ADPO) के थोकबंद तबादला आदेश जारी कर दिए हैं। कानून और व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने और अदालतों में सरकार का पक्ष मजबूती से रखने के लिए इस बड़े बदलाव को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कई संवेदनशील और बड़े जिलों के अभियोजन प्रभारी बदले गृह विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, इस ट्रांसफर लिस्ट के जरिए प्रदेश के लगभग हर जिले के कानूनी मोर्चे पर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे या लूप लाइन में चल रहे अनुभवी अभियोजन अधिकारियों को महत्वपूर्ण और संवेदनशील जिलों की कमान सौंपी गई है। इस तबादला नीति का मुख्य उद्देश्य जिला स्तर पर आपराधिक मामलों में ‘कनविक्शन रेट’ (सजा की दर) को सुधारना और न्यायालयीन प्रक्रियाओं में तेजी लाना है। सूची में कई महिला अधिकारियों को भी मुख्यधारा के जिलों में बड़ी जिम्मेदारी दी गई है।
रात 12 बजे की डेडलाइन से पहले ई-पोर्टल पर अपलोड हुए आदेश प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मोहन कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद गृह विभाग की लीगल और प्रशासनिक विंग पिछले 24 घंटों से लगातार इस सूची को अंतिम रूप देने में जुटी हुई थी। चूंकि मुख्यमंत्री सचिवालय का स्पष्ट निर्देश था कि पारदर्शी ई-ऑफिस (e-office) प्रणाली के जरिए ही सारे आदेश पोर्टल पर अपलोड किए जाएं, इसलिए तकनीकी विंग ने निर्धारित समय-सीमा खत्म होने से ठीक पहले इस महा-सूची को डिजिटली साइन कर लाइव किया। सभी स्थानांतरित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपनी वर्तमान पदस्थापना से कार्यमुक्त होकर नए जिलों में कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

















