दस दिवसीय पावन गणेश उत्सव के स्वागत के लिए सीहोर जिले की आष्टा नगरी पूरी तरह भक्ति और उल्लास के रंग में रंग गई है। सोमवार से शुरू होने जा रहे गणेश पर्व को लेकर शहर की कार्यशालाओं में मूर्तिकार दिन-रात एक कर भगवान श्री गणेश की 5,000 से अधिक विशालकाय प्रतिमाओं और अनगिनत छोटी मूर्तियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। शहर के चौक-चौराहों पर भव्य स्वागत पंडाल सजने लगे हैं और कई प्रमुख सार्वजनिक उत्सव समितियों के पंडालों में बप्पा की प्रतिमाएं गाजे-बाजे के साथ पहुंचना भी शुरू हो गई हैं।
आष्टा में निर्मित आकर्षक और नक्काशीदार प्रतिमाओं की मांग न केवल स्थानीय स्तर पर है, बल्कि आसपास के ग्रामीण अंचलों और कस्बों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पूजा समितियां अग्रिम बुकिंग कराने पहुंच रही हैं।
विभिन्न दिव्य स्वरूपों में ढल रही हैं प्रतिमाएं स्थानीय मूर्तिकार और कलाकार मूर्तियों को विशिष्ट और मनोहारी रूप देने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं:
- विविध और मनभावन रूप: स्थानीय मूर्तिकार दुर्गा पेंटर के अनुसार, इस वर्ष बप्पा को शंभू स्वरूप, राधा-कृष्ण स्वरूप, गरबा-डांडिया खेलते हुए और मोर, कमल, मूषक व झूले पर विराजमान मुद्राओं में विशेष रूप से तैयार किया गया है।
- एक प्रतिमा में लगते हैं 8 दिन: मूर्तिकारों का कहना है कि इन दिनों विशालकाय प्रतिमाओं की स्थापना का चलन काफी बढ़ा है। एक 8 से 12 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा की मिट्टी गूंथने, सांचे में ढालने, सुखाने और बारीक रंग-रोगन करने में औसतन 8 दिन का कड़ा परिश्रम लगता है।
- इको-फ्रेंडली मूर्तियों पर भी जोर: पर्यावरण के प्रति बढ़ती जागरूकता के चलते बड़ी संख्या में समितियां और नागरिक शुद्ध मिट्टी (शाडू माटी) से निर्मित प्राकृतिक रंगों वाली मूर्तियों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
आसपास के कई कस्बों और गांवों से पहुंच रहे खरीदार आष्टा क्षेत्र गणेश प्रतिमाओं के निर्माण का प्रमुख क्षेत्रीय केंद्र बन चुका है:
- कोठरी, जावर, मेहतवाड़ा, खाचरौद, सिद्धीकगंज, मैना सहित दर्जनों ग्रामीण अंचलों से पूजा समितियों के पदाधिकारी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और पिकअप वाहनों के साथ प्रतिमाएं लेने पहुंच रहे हैं।
- शहर के भोपाल नाका, पुराना भोपाल-इंदौर मार्ग, बस स्टैंड, अस्पताल चौराहा, खत्री मार्केट, बड़ा बाजार और अलीपुर जैसे प्रमुख व्यापारिक व रिहायशी इलाकों में पंडालों का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है।
प्रशासन और पुलिस अलर्ट, सुरक्षा व ट्रैफिक के पुख्ता इंतजाम प्रतिमाओं के आगमन और आगामी उत्सव को ध्यान में रखते हुए आष्टा पुलिस और स्थानीय नगर पालिका प्रशासन ने भी सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए हैं:
- मुख्य मार्गों और बाजारों में प्रतिमाओं के परिवहन के दौरान जाम की स्थिति न बने, इसके लिए भारी वाहनों के रूट डायवर्जन की योजना बनाई गई है।
- पंडालों में अग्नि सुरक्षा, निर्बाध विद्युत आपूर्ति और सीसीटीवी निगरानी के लिए स्थानीय पूजा समितियों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
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