नामांकन भरते ही मप्र की सियासत में आया भयानक भूचाल! हरदीप पुरी पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का वो हमला जिसने हिला दी सरकार; बंद कमरों में क्या छुपा रही BJP? ‘चोरों की तरह पर्चा भरने’ के आरोप से उड़ गए दिग्गजों के होश
भोपाल (Authentic News राजनीतिक व विशेष जांच डेस्क): मध्य प्रदेश में राज्यसभा उपचुनाव के नामांकन के साथ ही सूबे का सियासी पारा अचानक उस वक्त उबल पड़ा जब केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी की उम्मीदवारी को लेकर विपक्ष ने सीधा और बेहद तीखा मोर्चा खोल दिया। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने नामांकन की प्रक्रिया पर ऐसे सनसनीखेज सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसने सत्ता के शीर्ष गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।
नेता प्रतिपक्ष ने न केवल हरदीप पुरी के उत्तर प्रदेश छोड़कर अचानक मध्य प्रदेश आने पर प्रहार किया, बल्कि बहुचर्चित अंतरराष्ट्रीय ‘एपस्टीन फाइल्स’ (Epstein Files) के कथित विवादों की ओर इशारा करते हुए मीडिया से बचने और गुपचुप तरीके से नामांकन दाखिल करने के गंभीर आरोप जड़ दिए हैं।
“यूपी में टिकट नहीं मिला तो मुंह उठाकर एमपी टपक पड़े”: उमंग सिंघार का तीखा प्रहार
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंच पर बिना किसी लाग-लपेट के सीधा हमला बोला:
- उत्तर प्रदेश से टिकट न मिलने का तंज: सिंघार ने सवाल उठाया कि जब उत्तर प्रदेश में चुनाव हो रहे हैं, तो वहां से हरदीप पुरी को उम्मीदवार क्यों नहीं बनाया गया? क्या उत्तर प्रदेश भाजपा ने उन्हें नकार दिया जो उन्हें अचानक मध्य प्रदेश में लाकर थोप दिया गया?
- मध्य प्रदेश को ‘डंपिंग ग्राउंड’ बनाने का आरोप: विपक्ष ने आरोप लगाया कि दिल्ली के बड़े चेहरों को जब अपने राज्यों में सियासी जमीन नहीं मिलती, तो वे मध्य प्रदेश को आसान सुरक्षित रास्ता मानकर यहां आ धमकते हैं, जिससे प्रदेश के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के अधिकारों पर डाका पड़ता है।
एपस्टीन फाइल्स और मीडिया से दूरी: “दामन साफ है तो खौफ कैसा?”
उमंग सिंघार के हमले का सबसे बड़ा और विस्फोटक पहलू नामांकन के दौरान अपनाए गए कथित तौर-तरीकों को लेकर रहा:
- ‘चोरों की तरह छुपते-छुपाते नामांकन’: नेता प्रतिपक्ष ने तीखे शब्दों का प्रयोग करते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री मीडिया के कैमरों से छुपते-छुपाते और सवालों से बचते हुए नामांकन भरने पहुंचे।
- अंतरराष्ट्रीय खुलासों का जिक्र: सिंघार ने कहा कि एपस्टीन फाइल्स के कथित खुलासों के बाद से भाजपा का शीर्ष नेतृत्व सवालों के घेरे में है। उन्होंने सीधे चुनौती देते हुए कहा, “केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी जी, अगर आपका दामन पूरी तरह साफ है तो फिर पत्रकारों और जनता के तीखे सवालों से यह कैसा डर? बाहर आकर जवाब दीजिए!”
मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पर सीधा निशाना
विपक्ष ने इस पूरे प्रकरण में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की चुप्पी पर भी जोरदार प्रहार किया:
- “शर्म के मारे उम्मीदवार को आगे नहीं कर पा रहे”: उमंग सिंघार ने कहा कि हालत यह हो गई है कि प्रदेश का शीर्ष नेतृत्व अपने ही आधिकारिक प्रत्याशी को खुलकर जनता और मीडिया के सामने लाने से कतरा रहा है।
- मजबूरी पर जनता का सवाल: नेता प्रतिपक्ष ने पूछा कि आखिर भाजपा नेतृत्व की ऐसी कौन सी लाचारी और मजबूरी है, जिसके चलते उन्हें मुंह छिपाकर भागना पड़ रहा है? मध्य प्रदेश की जनता इस रहस्यमयी खामोशी का हिसाब मांग रही है।
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