मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले से शासकीय स्कूल परिसर के भीतर अनुशासन और व्यवस्था को तार-तार कर देने वाला एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक सरकारी प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालय में मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) की गुणवत्ता को लेकर हुई बहस के दौरान महिला रसोइया (Cook) ने अपना आपा खो दिया और स्कूल के प्रधानाध्यापक (Principal/Headmaster) पर चप्पलों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
स्कूल परिसर में बच्चों और अन्य शिक्षकों के सामने हुई इस मारपीट की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
भोजन की गुणवत्ता पर टोका-टोकी से शुरू हुआ विवाद प्रत्यक्षदर्शियों और स्कूल सूत्रों के अनुसार, घटना की शुरुआत मध्याह्न भोजन के वितरण के दौरान हुई:
- खराब गुणवत्ता और मेन्यू उल्लंघन की शिकायत: प्रधानाध्यापक ने बच्चों को परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता ठीक न होने और निर्धारित मेन्यू के अनुसार खाना न बनाए जाने को लेकर रसोइया को टोका था।
- कहासुनी से मारपीट तक पहुंचा मामला: बच्चों के स्वास्थ्य का हवाला देते हुए जब प्राचार्य ने सुधार करने को कहा, तो संबंधित स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिला रसोइया आक्रोशित हो गई। उसने पहले तीखी बहस व गाली-गलौज की और फिर अपनी चप्पल निकालकर सीधे प्रिंसिपल पर प्रहार करना शुरू कर दिया।
- बचाव में पीछे हटे शिक्षक: अचानक हुए इस हमले से स्कूल स्टाफ सन्न रह गया। प्रिंसिपल अपना बचाव करते रहे, जबकि मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराने का प्रयास किया। इसी दौरान किसी ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया।
शिक्षा विभाग ने लिया संज्ञान, जांच समिति गठित वीडियो वायरल होने और घटना उच्चाधिकारियों तक पहुंचने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया है:
- जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) की प्रतिक्रिया: विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) को मौके पर जाकर विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए हैं।
- स्व-सहायता समूह पर निलंबन की तलवार: अधिकारियों का कहना है कि शासकीय कार्य में बाधा डालने, विद्यालय परिसर में हिंसा करने और मर्यादा का उल्लंघन करने के आरोप में संबंधित रसोइया और मध्याह्न भोजन संचालन करने वाले स्व-सहायता समूह (SHG) के अनुबंध को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
थाने में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी पीड़ित प्रधानाध्यापक ने मामले की लिखित शिकायत स्थानीय पुलिस थाने और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को सौंप दी है। पुलिस का कहना है कि विद्यालय प्रबंधन और पीड़ित शिक्षक के आवेदन के आधार पर शासकीय कार्य में बाधा, सार्वजनिक स्थान पर अभद्रता और मारपीट की सुसंगत धाराओं में प्रकरण दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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