CM मोहन यादव के एक आदेश से कांप उठे माफिया! भोपाल में आधी रात चला ताबड़तोड़ ऑपरेशन; अवैध शराब और ड्रग्स के साथ इस खतरनाक ‘हथियार’ पर लगा पूर्ण प्रतिबंध; कलेक्टर-एसपी को अल्टीमेटम, लापरवाही पर नपेगी कुर्सी
भोपाल (Authentic News प्रशासनिक व क्राइम डेस्क): मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से कानून-व्यवस्था को लेकर एक ऐसी थर्रा देने वाली खबर सामने आई है, जिसने अवैध नशे के सौदागरों, शराब माफियाओं और गैर-कानूनी विस्फोटक बेचने वालों की रातों की नींद उड़ा दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस कमिश्नरेट और आला प्रशासनिक अधिकारियों की आपात समीक्षा बैठक में दो टूक शब्दों में ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) का फरमान सुना दिया है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि राजधानी की गलियों में अवैध शराब और सिंथेटिक ड्रग्स का कारोबार करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही त्योहारी सीजन और सामान्य दिनों में बच्चों की आंखों की रोशनी छीनने वाली जानलेवा ‘कार्बाइड गन’ के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से पूरी तरह ताला जड़ने का गुप्त और कड़ा एक्शन प्लान लागू कर दिया गया है।
“अगर कोई हादसा हुआ, तो सीधे नपेंगे जिले के एसपी और कलेक्टर”
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजधानी समेत प्रदेशभर के कप्तानों को सख्त चेतावनी जारी करते हुए जवाबदेही तय कर दी है:
- सीधे आला अफसरों पर गिरेगी गाज: मुख्यमंत्री ने साफ लफ्जों में कहा कि यदि किसी भी इलाके में अवैध शराब की भट्टी, नशे की तस्करी या जानलेवा पटाखों/कार्बाइड गन से कोई अप्रिय घटना घटती है, तो थाना प्रभारी से लेकर जिले के एसपी और कलेक्टर सीधे तौर पर जिम्मेदार माने जाएंगे।
- अवैध शराब और ड्रग्स नेटवर्क पर बुलडोजर प्रहार: शहर के संवेदनशील इलाकों, क्लबों, ढाबों और आउटर इलाकों में बिकने वाले स्मैक, एमडी ड्रग्स और कच्ची जहरीली शराब के अड्डों को जड़ से उखाड़ने के लिए पुलिस को खुली छूट दे दी गई है।
- छोटों को तंग न करें, बड़े मगरमच्छों को दबोचें: सीएम ने पुलिस को निर्देश दिया कि त्योहारों पर रोजी-रोटी कमाने वाले छोटे फुटपाथी व्यापारियों को परेशान न किया जाए, लेकिन नशे के सिंडिकेट चलाने वाले बड़े सरगनाओं पर रासुका (NSA) और बीएनएस (BNS) की सख्त धाराओं में केस ठोंका जाए।
खिलौने के नाम पर बिक रही ‘मौत’: जानिए क्या है कार्बाइड गन का खौफनाक सच?
भोपाल और आसपास के जिलों में पिछले दिनों जिस जानलेवा चीज ने डॉक्टरों और अभिभावकों के होश उड़ाए थे, वह थी ‘कार्बाइड गन’:
- आंखों की रोशनी छीनने वाला बारूद: प्लास्टिक पाइप, गैस लाइटर और कैल्शियम कार्बाइड से तैयार की जाने वाली यह गन पानी के संपर्क में आते ही बेहद ज्वलनशील ‘एसिटिलीन गैस’ बनाती है। चिंगारी लगते ही यह पाइप बम की तरह फट जाती है।
- अस्पतालों में सैकड़ों बच्चे हुए थे शिकार: पिछले सीजन में केवल भोपाल के हमीदिया अस्पताल और अन्य जिलों में 300 से अधिक बच्चे और किशोर इस खतरनाक गन के फटने से बुरी तरह झुलस गए थे, जिनमें से कइयों की आंखों की पुतली हमेशा के लिए डैमेज हो गई थी।
- बनाने और बेचने पर सीधी जेल: मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब रासायनिक पदार्थों, हार्डवेयर, वेल्डिंग दुकानों और सोशल मीडिया पर रील बनाकर इसे बेचने या प्रमोट करने वालों के खिलाफ 3 से 7 साल तक की गैर-जमानती जेल और एनएसए जैसी सख्त धाराओं के तहत धरपकड़ शुरू हो गई है।
राजधानी की सड़कों पर पुलिस का कॉम्बिंग गश्त और सरप्राइज चेकिंग
मुख्यमंत्री के अल्टीमेटम के बाद भोपाल पुलिस कमिश्नरेट ने शहर के चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात कर दी है:
- ड्रग्स के हॉटस्पॉट्स पर आधी रात छापे: पुलिस की विशेष क्राइम ब्रांच और डॉग स्क्वॉड टीमों ने रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और संदिग्ध ठिकानों पर ताबड़तोड़ सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिए हैं।
- अस्पतालों और एंबुलेंस को अलर्ट पर रहने का हुक्म: किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रमुख अस्पतालों में ट्रॉमा यूनिट्स, आई स्पेशलिस्ट और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को 24×7 अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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