मध्य प्रदेश की रायसेन जिला जेल से सुरक्षा व्यवस्था की धज्जियां उड़ाने वाला एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। जेल के भीतर बंद एक शातिर बंदी ने पहले से सुनियोजित साजिश के तहत ड्यूटी पर तैनात जेल प्रहरी की आंखों में मिर्च पाउडर झोंक दिया और अपने पास छिपाकर रखे देशी कट्टे से उस पर फायर झोंक दिया। गोली चलने और अफरा-तफरी के बीच कैदी ने जेल की बैरक से मुख्य द्वार की ओर भागने की कोशिश की। हालांकि, गोली की आवाज सुनते ही अन्य सुरक्षाकर्मियों ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।
इस खौफनाक दुस्साहस की पूरी घटना जेल परिसर में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों में कैद हो गई है, जिसका फुटेज सामने आने के बाद जेल मुख्यालय से लेकर प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
घटना का सिलसिलेवार ब्योरा और सीसीटीवी फुटेज सीसीटीवी फुटेज और जेल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार:
- मिर्च पाउडर से अंधा करने की चाल: कैदी ने मौका पाकर ड्यूटी पर तैनात संतरी (जेल प्रहरी) पर अचानक हमला किया और सीधे उसकी आंखों में तीखा मिर्च पाउडर झोंक दिया, ताकि वह देख न सके और अलार्म न बजा पाए।
- सीधे सीने/पेट की ओर तानी बंदूक: प्रहरी द्वारा संभलने की कोशिश के दौरान कैदी ने अपने कपड़ों में छिपाकर रखा अवैध देशी कट्टा निकाला और सीधे प्रहरी पर फायर कर दिया। गोली लगने से घायल प्रहरी लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा।
- सुरक्षाकर्मियों की मुस्तैदी से नाकाम हुआ प्लान: गोली की गूंज सुनते ही परिसर में तैनात अन्य सशस्त्र प्रहरियों ने तुरंत मोर्चा संभाला। मुख्य द्वार बंद कर दिया गया और भाग रहे बंदी को जेल की आंतरिक सीमा के भीतर ही भारी मशक्कत के बाद पकड़ लिया गया।
घायल जेल प्रहरी की हालत गंभीर, अस्पताल में भर्ती वारदात में गोली लगने और आंखों में मिर्च जाने से गंभीर रूप से घायल हुए जेल प्रहरी को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए राजधानी भोपाल के हमीदिया अस्पताल रेफर कर दिया गया है। डॉक्टरों की टीम उसकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
जेल सुरक्षा पर सबसे बड़ा सवाल: जेल के अंदर हथियार और मिर्च कैसे पहुंची? इस दुस्साहसिक वारदात ने मध्य प्रदेश जेल प्रशासन की तलाशी व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:
- हथियार और बारूद की एंट्री: जेल की बहुस्तरीय सुरक्षा और मेटल डिटेक्टर के बावजूद बंदी के पास जिंदा कारतूस और कट्टा कैसे पहुंचा? क्या इसमें जेल के किसी आंतरिक कर्मचारी की मिलीभगत थी या मुलाकाती के जरिए यह सामान भीतर भेजा गया?
- जेल विभाग ने दिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश: घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक (SP) और कलेक्टर भारी पुलिस बल के साथ जिला जेल पहुंचे। जेल महानिदेशक (DG Jail) ने मामले का संज्ञान लेते हुए उप-महानिरीक्षक (DIG Jail) स्तर के अधिकारी को मौके पर जांच के लिए रवाना किया है।
अतिरिक्त धाराओं में मामला दर्ज स्थानीय कोतवाली थाने में आरोपी बंदी के खिलाफ हत्या के प्रयास (BNS की धारा 109), शासकीय कार्य में बाधा, आर्म्स एक्ट और जेल अधिनियम के तहत संगीन धाराओं में नया आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। प्रारंभिक जांच में लापरवाही बरतने वाले प्रहरियों और संबंधित अधिकारियों के निलंबन की कार्रवाई तय मानी जा रही है।
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