छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर एक बार फिर बड़े कर्मचारी आंदोलन और संवाद का केंद्र बनने जा रही है। आगामी 13 जून को रायपुर में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत कार्यरत प्रदेश भर के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का एक विशाल प्रदेश स्तरीय महासम्मेलन आयोजित होने जा रहा है। इस महासम्मेलन में राज्य के सभी जिलों और ब्लॉक स्तर से हजारों की संख्या में डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और प्रबंधकीय संवर्ग के कर्मचारी शामिल होंगे। इस आयोजन को लेकर एनएचएम कर्मचारी संघ ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।
नियमितीकरण और वेतन विसंगति जैसे मुद्दों पर होगा मन्थन कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार, इस महासम्मेलन का मुख्य उद्देश्य पिछले लंबे समय से लंबित पड़ी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना है। सम्मेलन में मुख्य रूप से संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण (Regularization), वेतन विसंगतियों को दूर करने, सेवा सुरक्षा की गारंटी और अन्य विभागीय भत्तों को लेकर विस्तृत चर्चा की जाएगी। कर्मचारियों का कहना है कि वे कोरोना काल से लेकर सामान्य दिनों तक स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बने हुए हैं, लेकिन आज भी उनका भविष्य अनिश्चितता के भंवर में है।
रणनीति तैयार कर सरकार को सौंपेंगे मांग पत्र 13 जून को होने वाले इस महासम्मेलन के दौरान एक खुली परिचर्चा भी आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी जिलों के प्रतिनिधि अपनी बात रखेंगे। इसके बाद सर्वसम्मति से आगामी कार्ययोजना और रणनीति का प्रस्ताव पास किया जाएगा। महासम्मेलन के समापन पर कर्मचारियों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर उन्हें अपनी मांगों का एक ज्ञापन (मांग पत्र) सौंपेगा। कर्मचारी संघ ने उम्मीद जताई है कि सरकार उनके इस शांतिपूर्ण और संवादात्मक कदम पर सकारात्मक रुख अपनाएगी।

















