मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने आम जनता और छात्र-छात्राओं के हित में दो बेहद महत्वपूर्ण और बड़े फैसले लिए हैं। सरकार के नए नीतिगत निर्णयों के तहत राज्य के सरकारी स्कूलों में यूनिफॉर्म (स्कूली पोशाक) के पुराने पैटर्न को वापस लागू करने की तैयारी कर ली गई है। इसके साथ ही, राजस्व विभाग की ओर से आम नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए कुछ विशेष श्रेणियों में संपत्तियों की रजिस्ट्री को पूरी तरह से मुफ्त या भारी छूट देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है।
स्कूलों में यूनिफॉर्म की वापसी, बदला गया था पैटर्न शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार, सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए यूनिफॉर्म के पुराने और पारंपरिक रंग-पैटर्न (जैसे खाकी या नीली शर्ट-पेंट) को फिर से बहाल किया जा रहा है। पिछले दिनों यूनिफॉर्म के डिजाइनों और वितरण व्यवस्था में बदलाव को लेकर आ रही व्यावहारिक दिक्कतों और पालकों के फीडबैक के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। इस फैसले से प्रदेश के लाखों स्कूली बच्चों को समय पर और एकरूपता के साथ स्कूल ड्रेस मिल सकेगी, जिससे शिक्षा व्यवस्था का ढांचा और मजबूत होगा।
रजिस्ट्री मुफ्त: आम जनता और महिलाओं को मिलेगी बड़ी राहत दूसरी ओर, सरकार ने जमीन और मकानों की रजिस्ट्री को लेकर भी एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक खेला है। शासन द्वारा चुनिंदा और जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत आने वाले भूखंडों, पैतृक संपत्ति के हस्तांतरण या महिलाओं के नाम पर होने वाली कुछ विशेष रजिस्ट्रियों पर स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क को पूरी तरह से माफ (मुफ्त) करने की कार्ययोजना बनाई गई है। सरकार का मानना है कि इस कदम से न केवल रियल एस्टेट सेक्टर को गति मिलेगी, बल्कि मध्यम और निम्न वर्ग के परिवारों का अपने घर का सपना भी आसानी से पूरा हो सकेगा। इन दोनों ही फैसलों को सरकार के लोक-कल्याणकारी एजेंडे के तहत बेहद अहम माना जा रहा है।

















