फ्रांस के खूबसूरत शहर एवियां में आयोजित हो रहे 52वें जी7 (G7) शिखर सम्मेलन के इतर आज (17 जून) भारत और अमेरिका के बीच एक बेहद उच्च स्तरीय और ऐतिहासिक द्विपक्षीय वार्ता (Bilateral Talks) होने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आज एक विशेष बैठक में दोनों देशों के बीच की रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership) को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए विस्तृत चर्चा करेंगे। इससे पहले मंगलवार को दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से हाथ मिलाया था, जो पिछले 16 महीनों में दोनों के बीच पहली आमने-सामने की मुलाकात थी। आज होने वाली इस औपचारिक बैठक पर पूरी दुनिया की कूटनीतिक निगाहें टिकी हुई हैं।
द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Trade Deal) और डिफेंस कोऑपरेशन पर रहेगा मुख्य फोकस व्हाइट हाउस और भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के सूत्रों के अनुसार, आज की इस महा-बैठक का मुख्य एजेंडा दोनों देशों के बीच पिछले कई महीनों से लंबित बड़े व्यापारिक समझौते (Trade Pact) की समीक्षा करना है। इस मेगा ट्रेड डील को अंतिम रूप देने के लिए दोनों नेता अपनी प्रतिबद्धता दोहरा सकते हैं। इसके अलावा, भारत-प्रशांत क्षेत्र (Indo-Pacific) में चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने के लिए रक्षा सहयोग (Defence Cooperation) को बढ़ावा देने, महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) की सप्लाई चेन को सुरक्षित बनाने और अत्याधुनिक तकनीकी जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) व निवेश साझेदारी पर दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।
तनाव के साए और वैश्विक भू-राजनीति के बीच कूटनीतिक संतुलन यह उच्च स्तरीय बैठक ऐसे समय में हो रही है जब हाल ही में ओमान के तट के पास अमेरिकी सैन्य हमलों के दौरान कुछ मालवाहक जहाजों पर सवार तीन भारतीय नाविकों की दुखद मौत के बाद दोनों देशों के राजनयिक संबंधों में आंशिक तनाव देखा गया था। उम्मीद की जा रही है कि दोनों राष्ट्राध्यक्ष इस संवेदनशील मुद्दे के साथ-साथ वर्तमान वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों, पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) के संकट, ऊर्जा सुरक्षा और रूस-यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने के उपायों पर भी खुलकर अपने विचार साझा करेंगे। भारत इस मंच पर न केवल अपनी बात रख रहा है, बल्कि अतिथि देश के रूप में ‘ग्लोबल साउथ’ (विकासशील देशों) की आकांक्षाओं को भी प्रमुखता से आवाज दे रहा है।


















