नेपाल के सुदूरपश्चिम प्रांत स्थित दार्चुला जिले से दिल दहला देने वाले भूस्खलन (Landslide) का वीडियो सामने आया है। पहाड़ी का एक बहुत बड़ा हिस्सा ताश के पत्तों की तरह ढहकर नीचे बह रही चौलानी (चमेलिया) नदी में समा गया। भारी मात्रा में गिरे मलबे और पत्थरों के कारण नदी का प्राकृतिक प्रवाह आंशिक रूप से बाधित हो गया, जिससे नदी घाटी और निचले इलाकों में अचानक बाढ़ (Flash Flood) का गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पहाड़ से विशालकाय चट्टानें और मिट्टी का सैलाब नीचे गिरते हुए तथा चारों ओर धूल का घना गुबार उठते हुए देखा जा सकता है।
एपी हिमाल इलाके में हुआ भीषण भूस्खलन दार्चुला जिला प्रशासन के अनुसार, यह घटना जिले की एपी हिमाल ग्रामीण नगरपालिका के भट्टार क्षेत्र में घटी।
- अस्थायी कृत्रिम झील का खतरा: पहाड़ी से भारी मात्रा में गिरे मलबे के कारण नदी का बहाव रुकने से पीछे पानी जमा होने का अंदेशा बढ़ गया था। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मलबा अचानक टूटता है, तो निचले इलाकों में विनाशकारी फ्लैश फ्लड आ सकती है।
- प्रशासनिक सतर्कता: हालांकि पानी ने मलबे के बीच से धीरे-धीरे अपना रास्ता बनाना शुरू कर दिया है और सशस्त्र पुलिस बल (APF) ने वर्तमान में जलस्तर को सामान्य बताया है, लेकिन पहाड़ी ढलानों की अस्थिरता को देखते हुए खतरा पूरी तरह टला नहीं है।
निचले इलाकों में रहने वालों के लिए चेतावनी जारी सुदूरपश्चिम के मुख्यमंत्री और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।
- नदी के तटवर्ती और निचले इलाकों में रह रहे लोगों से सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर जाने तथा सतर्क रहने की अपील की गई है।
- बालंच स्थित नेपाल चमेलिया जलविद्युत सुरक्षा बेस के जवानों को लगातार जलस्तर और ढलानों की निगरानी के लिए तैनात किया गया है।
- प्रभावित भट्टार क्षेत्र के करीब 10 परिवारों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है।
उल्लेखनीय है कि चौलानी नदी आगे जाकर महाकाली नदी में मिलती है, जो नेपाल और भारत के बीच सीमा साझा करती है। इस कारण सीमावर्ती क्षेत्रों के प्रशासनिक तंत्र को भी पूरी स्थिति पर नजर बनाए रखने को कहा गया है।
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