मध्य प्रदेश के प्रशासनिक गलियारे से अनुशासनहीनता पर एक बड़ी कार्रवाई और कड़ा संदेश सामने आया है। राज्य सरकार के आला अधिकारियों की एक बेहद महत्वपूर्ण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) समीक्षा बैठक के दौरान मोबाइल चलाना कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) को भारी पड़ गया। बैठक की अध्यक्षता कर रहे मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव (Chief Secretary) अनुराग जैन ने लाइव स्क्रीन पर दोनों अधिकारियों को मोबाइल का उपयोग करते हुए पकड़ लिया, जिसके बाद उन्होंने सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए पूरी बैठक के सामने दोनों को जमकर फटकार लगाई।
समीक्षा बैठक के दौरान चैटिंग में व्यस्त थे अफसर प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्य सचिव अनुराग जैन प्रदेश के विभिन्न जिलों में चल रहे विकास कार्यों, कानून व्यवस्था और जनहित की योजनाओं की प्रगति को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिलाधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ले रहे थे। बैठक में जब एक महत्वपूर्ण नीतिगत मुद्दे पर चर्चा चल रही थी, तभी मुख्य सचिव की नजर स्क्रीन पर एक जिले के कलेक्टर और एसपी पर पड़ी, जो सामने चल रही चर्चा पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय नीचे झुककर लगातार अपने मोबाइल फोन पर चैटिंग और स्क्रॉलिंग करने में व्यस्त थे।
“बैठक को तमाशा न समझें…” – सीएस की कड़क से सहमे अधिकारी अनुशासन को लेकर बेहद सख्त रुख रखने वाले मुख्य सचिव अनुराग जैन ने तुरंत बैठक को बीच में रोका और दोनों अधिकारियों का नाम लेते हुए सीधे टोक दिया। उन्होंने बेहद कड़े लहजे में कहा कि जब राज्य स्तर की इतनी संवेदनशील और महत्वपूर्ण बैठक चल रही हो, तो अधिकारियों का इस तरह मोबाइल पर व्यस्त रहना पूरी तरह से गैर-जिम्मेदाराना और अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। सीएस ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी, “बैठक की गंभीरता को समझें, इसे कोई तमाशा न बनाएं। अगर भविष्य में किसी भी समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारी मोबाइल चलाते हुए पाए गए, तो उनके खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।” इस कड़क फटकार के बाद पूरी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सन्नाटा पसर गया।

















