भारत और अमेरिका के बीच 7 फरवरी 2026 को हुए ऐतिहासिक अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Deal) ने भारतीय निर्यातकों और उद्योगों के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोल दिए हैं। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस डील को भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए “गेम चेंजर” बताया है।
यहाँ इस ट्रेड डील और पीयूष गोयल द्वारा बताए गए इसके प्रमुख लाभों का विस्तृत विवरण दिया गया है:
ट्रेड डील की मुख्य बातें: एक नजर में
| विवरण | जानकारी (Details) |
| प्रभावी तिथि | 7 फरवरी 2026 से लागू। |
| टैरिफ में कटौती | 50% से घटकर अब केवल 18%। |
| जीरो ड्यूटी (0% Tariff) | फार्मा, रत्न-आभूषण, और विमान के कलपुर्जे। |
| निर्यात मूल्य (Zero Duty) | लगभग $44 बिलियन मूल्य के भारतीय निर्यात को लाभ। |
केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह समझौता ‘गिव एंड टेक’ (लेन-देन) के सिद्धांत पर आधारित है, जिसमें भारत के संवेदनशील क्षेत्रों की पूरी सुरक्षा की गई है।
प्रमुख लाभ और घोषणाएं:
- किसानों को बड़ा फायदा: पीयूष गोयल ने कहा कि चाय, कॉफी, मसालों, काजू, नारियल उत्पादों और कई फलों (आम, केला, अमरूद) के निर्यात पर अब अमेरिका में जीरो ड्यूटी लगेगी। इससे भारतीय किसानों की आय बढ़ेगी और उन्हें दुनिया का सबसे बड़ा बाजार मिलेगा।
- संवेदनशील क्षेत्र सुरक्षित: मंत्री ने जोर देकर कहा कि डेयरी, मांस, पोल्ट्री, गेहूं, चावल, चीनी और दलहन जैसे संवेदनशील कृषि उत्पादों पर कोई रियायत नहीं दी गई है। साथ ही, अमेरिका से किसी भी जीएम (Genetically Modified) भोजन को भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
- निर्यात को बूस्ट (Export Boost): भारत के प्रमुख श्रम-प्रधान क्षेत्रों जैसे टेक्सटाइल (कपड़ा), चमड़ा, फुटवियर, और प्लास्टिक पर टैरिफ 50% से गिरकर 18% हो गया है। इससे वियतनाम और बांग्लादेश जैसे प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले भारतीय उत्पाद सस्ते और आकर्षक होंगे।
- मेक इन इंडिया को मजबूती: जेनेरिक दवाओं, हीरे-जवाहरात और एयरक्राफ्ट पार्ट्स पर जीरो ड्यूटी से ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को वैश्विक पहचान मिलेगी। भारत ने $500 बिलियन मूल्य की अमेरिकी ऊर्जा और तकनीक खरीदने का भी संकेत दिया है।
पीयूष गोयल ने विश्वास जताते हुए कहा:
“यह डील भारतीय एमएसएमई (MSMEs), कारीगरों और किसानों के लिए नए अवसर लाएगी। हमने अपनी ‘आत्मनिर्भरता’ से समझौता किए बिना $30 ट्रिलियन के अमेरिकी बाजार तक अपनी पहुंच पक्की की है।

















