मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की लचर स्थिति को लेकर राज्य सरकार और उप मुख्यमंत्री (स्वास्थ्य मंत्री) राजेंद्र शुक्ला पर तीखा हमला बोला है। अपने रीवा प्रवास के दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए दिग्विजय सिंह ने प्रदेश भर में चिकित्सा व्यवस्था के पूरी तरह चरमरा जाने का आरोप लगाया और कहा कि मौजूदा हालात के लिए सीधे तौर पर स्वास्थ्य मंत्री जिम्मेदार हैं, इसलिए उन्हें अपने पद से तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।
‘बेपटरी हो चुकी है पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था’ दिग्विजय सिंह ने कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि राज्य के सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है।
- सीधे स्वास्थ्य मंत्री पर निशाना: उन्होंने कहा, “प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो चुकी है और स्वास्थ्य मंत्री खुद लाशों के ढेर पर बैठे हैं। जब पूरे प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है, तो इसकी नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी मंत्री की बनती है।”
- दवाइयों और डॉक्टरों की कमी: पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि अस्पतालों में न तो पर्याप्त डॉक्टर मौजूद हैं और न ही जरूरी दवाइयां उपलब्ध हो पा रही हैं। आम गरीब जनता इलाज के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है।
हालिया घटनाओं को लेकर घेरा दिग्विजय सिंह ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में सामने आई स्वास्थ्य संबंधी लापरवाही, मौतों और सागर में संदिग्ध जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद प्रशासनिक विफलता का हवाला देते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि रीवा जैसे संभाग मुख्यालय से लेकर भोपाल तक मरीजों को रेफर करने का खेल चल रहा है, लेकिन वास्तविक इलाज कहीं नहीं मिल रहा।
रीवा प्रवास के दौरान दिग्विजय सिंह के इस आक्रामक रुख से विंध्य और प्रदेश की राजनीति में सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली के मुद्दे को लेकर आगामी दिनों में पूरे प्रदेश में सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलेगी।
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