राजधानी भोपाल के जहांगीराबाद थाने के भीतर एक अधिवक्ता के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा की गई कथित अभद्रता और मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना के विरोध में वकीलों के भारी आक्रोश, कलेक्ट्रेट व कमिश्नर दफ्तर के बाहर हुए उग्र विरोध प्रदर्शन और कार्य बहिष्कार के अल्टीमेटम के बाद पुलिस कमिश्नर प्रणाली ने सख्त कदम उठाया है। पुलिस कमिश्नर ने कर्तव्य में घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता और अनधिकृत बल प्रयोग के आरोप में जहांगीराबाद थाना प्रभारी (TI) सहित तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर लाइन अटैच कर दिया है।
इसके साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच के लिए एक वरिष्ठ अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (Addl. DCP) स्तर के अधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
क्या था पूरा घटनाक्रम? (विवाद की जड़)
घटनाक्रम के अनुसार, पीड़ित अधिवक्ता किसी पारिवारिक व दीवानी विवाद के सिलसिले में अपने मुवक्किल (क्लाइंट) की पैरवी और पक्ष रखने के लिए जहांगीराबाद थाने पहुंचे थे:
- बहस के बाद मारपीट का आरोप: अधिवक्ता का आरोप है कि जब उन्होंने मामले में कानूनी प्रक्रियाओं और वैधानिक धाराओं के तहत कार्रवाई की बात कही, तो थाने के पुलिसकर्मी भड़क गए। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें थाने के कक्ष में ले जाकर गाली-गलौज की और लाठी-डंडों व थप्पड़ों से बुरी तरह पीटा।
- मोबाइल छीनने और अवैध हिरासत का दावा: अधिवक्ता संघ का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने अधिवक्ता का मोबाइल फोन भी छीन लिया और कई घंटों तक उन्हें थाने में अवैध रूप से बंधक बनाकर रखा। जब इस घटना की जानकारी अन्य वकीलों को हुई, तो भारी संख्या में अधिवक्ता थाने पहुंच गए।
वकीलों का फूटा आक्रोश: सड़कों पर उतरे, कामकाज ठप करने की दी चेतावनी
भोपाल जिला बार एसोसिएशन और राज्य अधिवक्ता परिषद (State Bar Council) ने पुलिस की इस मनमानी और कार्यप्रणाली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया:
- थाने और पुलिस कमिश्नर दफ्तर का घेराव: घटना की जानकारी मिलते ही सैकड़ों वकीलों ने जहांगीराबाद थाने का घेराव कर दिया और सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया। वकीलों ने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और बर्खास्तगी की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की।
- अदालती कार्य बहिष्कार की चेतावनी: बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि वर्दी की आड़ में वकीलों के साथ इस तरह का अमानवीय और गैर-कानूनी व्यवहार किया जाएगा, तो पूरे जिले में न्यायालयीन कार्यों का अनिश्चितकालीन बहिष्कार किया जाएगा।
पुलिस कमिश्नर का त्वरित एक्शन: 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड
स्थिति की गंभीरता और कानून-व्यवस्था को देखते हुए भोपाल पुलिस कमिश्नर ने तत्काल प्रभाव से कड़े प्रशासनिक आदेश जारी किए:
- थाना प्रभारी (TI) निलंबित: स्थिति पर नियंत्रण न रख पाने और अपने अधीनस्थों पर प्रशासनिक पकड़ ढीली होने के चलते टीआई को सस्पेंड कर दिया गया।
- दो अन्य पुलिसकर्मी निलंबित: प्रत्यक्ष रूप से मारपीट और विवाद में संलिप्त पाए गए उपनिरीक्षक (SI) व आरक्षक स्तर के दो अन्य कर्मियों को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
- विभागीय और दंडात्मक जांच शुरू: पूरे घटनाक्रम के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज जब्त कर लिए गए हैं। जांच अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि तथ्यों की निष्पक्ष समीक्षा कर 7 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपी जाए, जिसके आधार पर आगे आपराधिक प्रकरण (FIR) दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी।
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