मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के सबसे व्यस्त वाणिज्यिक क्षेत्र एमपी नगर में भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के जिला महामंत्री व युवा अधिवक्ता दिव्यऋषि तिवारी की विद्युत पोल से करंट लगने से हुई दर्दनाक मौत के मामले में पुलिस ने कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। एमपी नगर थाना पुलिस ने मामले में अज्ञात लापरवाह जिम्मेदारों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या (लापरवाही से मौत) की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है।
हालांकि, हादसे के दो दिन बीत जाने के बाद भी नगर निगम और मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (बिजली विभाग) के बीच खंभे में करंट उतरने को लेकर जिम्मेदारी का ठीकरा एक-दूसरे पर फोड़ने का दौर जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कलेक्टर द्वारा गठित 4 सदस्यीय जांच समिति की आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही संबंधित दोषी अधिकारियों व ठेकेदारों के नाम एफआईआर में बतौर आरोपी जोड़े जाएंगे और गिरफ्तारी की कार्रवाई होगी।
जानिए क्या था पूरा मामला? (कैसे घटी हृदयविदारक घटना)
यह दर्दनाक हादसा रविवार रात करीब 9 से 9:30 बजे के बीच एमपी नगर जोन-1 स्थित डीबी मॉल के सामने मुख्य मार्ग पर हुआ:
- शॉपिंग के बाद लौट रहे थे घर: भाजयुमो जिला महामंत्री व अधिवक्ता दिव्यऋषि तिवारी अपने परिवार के साथ डीबी मॉल में खरीदारी करने पहुंचे थे। उनकी गाड़ी सड़क के दूसरी तरफ स्मार्ट पार्किंग में खड़ी थी।
- सड़क पार करते वक्त छुआ पोल: खरीदारी के बाद परिवार सहित सड़क पार करते समय डिवाइडर पर चढ़ने के दौरान संतुलन बनाने के लिए दिव्यऋषि ने डिवाइडर पर लगे स्ट्रीट लाइट के लोहे के खंभे को पकड़ लिया। खंभे और उसके आसपास खुले तारों में तेज हाई-वोल्टेज करंट दौड़ रहा था।
- पत्नी भी आई चपेट में, ट्रैफिक पुलिस ने दिया CPR: पोल छूते ही उन्हें जोरदार करंट का झटका लगा और वे जमीन पर गिर पड़े। उन्हें बचाने दौड़ीं उनकी पत्नी भी करंट की चपेट में आईं, लेकिन वे किसी तरह झटके से अलग होने में सफल रहीं। मौके पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने तुरंत दौड़कर दिव्यऋषि को संभाला, मौके पर ही सीपीआर (CPR) दिया और तुरंत नर्मदा अस्पताल व बाद में एम्स (AIIMS) भोपाल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
ग्राउंड रियलिटी: पहले भी कई लोगों को लग चुके थे झटके, त्रिपाल से ढका गया खंभा
घटना के बाद हुए खुलासों ने नागरिक सुरक्षा और मेंटेनेंस की पोल खोल दी है:
- पहले से आ रहा था करंट: स्थानीय दुकानदारों और मॉल कर्मचारियों के अनुसार, उस कट पॉइंट पर लगे पोल से पिछले कुछ दिनों में कई राहगीरों को बिजली के हल्के झटके लग चुके थे, लेकिन न तो नगर निगम ने और न ही बिजली विभाग ने इसकी सुध ली।
- हादसे के बाद लीपापोती: घटना के तुरंत बाद आनन-फानन में उस खंभे को नीले रंग के त्रिपाल से ढंक दिया गया, तार अलग किए गए और बैरिकेडिंग कर चेतावनी पोस्टर चस्पा किए गए।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर 4 सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति गठित
घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना जताई और जिला प्रशासन को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने 4 सदस्यीय संयुक्त जांच समिति का गठन किया है:
- सुमित पांडे — अपर कलेक्टर, भोपाल (समिति अध्यक्ष)
- डॉ. मनीष शर्मा — मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO)
- मोहम्मद जावेद — कार्यपालन यंत्री (EE), विद्युत सुरक्षा विभाग
- प्रदीप सिंह चौहान — अधीक्षण अभियंता (SE), मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी
कलेक्टर ने इस समिति को घटनास्थल का तकनीकी मुआयना करने, वायरिंग व अर्थिंग की खामियां जांचने और 5 दिन के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
अधिवक्ताओं और युवा मोर्चा में आक्रोश: 24 घंटे में कार्रवाई की चेतावनी
दिव्यऋषि तिवारी के असामयिक निधन से राजधानी के वकीलों और युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं में भारी रोष है। जिला अदालत के वकीलों ने प्रशासन से साफ कहा है कि यह महज एक हादसा नहीं बल्कि निगम और बिजली कंपनी की आपराधिक लापरवाही है। वकीलों ने चेतावनी दी है कि यदि जांच के नाम पर लीपापोती की गई और जिम्मेदार वरिष्ठ अधिकारियों पर सीधी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन और चक्काजाम करेंगे।
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