मध्य प्रदेश सरकार ने नागरिकों को कागजी दस्तावेजों के रखरखाव, खोने के डर और दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक और महत्वाकांक्षी कदम उठाया है। राज्य सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग तथा लोक सेवा प्रबंधन द्वारा तैयार किया गया ‘माय वालेट’ (My Wallet) प्लेटफॉर्म अब प्रदेशवासियों के लिए एक सुरक्षित, प्रमाणित और ऑल-इन-वन डिजिटल लॉकर के रूप में सामने आया है। इस डिजिटल वॉलेट में 100 से अधिक प्रकार के शासकीय, शैक्षणिक और व्यक्तिगत दस्तावेज पूरी तरह सुरक्षित और प्रमाणित रूप में एक ही स्थान पर उपलब्ध रहेंगे।
अब नागरिकों को किसी भी सरकारी या गैर-सरकारी कार्य, भर्ती प्रक्रिया, जमीन के सौदे या वाहन जांच के दौरान फाइलों का पुलिंदा लेकर चलने की जरूरत नहीं होगी। स्मार्टफोन पर ‘माय वालेट’ खोलते ही कानूनी रूप से मान्य डिजिटल दस्तावेज स्क्रीन पर उपलब्ध हो जाएंगे।
‘माय वालेट’ में शामिल हैं 100 से अधिक महत्वपूर्ण सेवाएं
इस सिंगल-विंडो डिजिटल वॉलेट को केंद्र के डिजिलॉकर और मध्य प्रदेश ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के साथ एकीकृत (Integrate) किया गया है। इसमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित दस्तावेज उपलब्ध होंगे:
- राजस्व एवं कृषि संबंधी: खसरा-खतौनी की प्रमाणित प्रति, नामांतरण आदेश, भू-अभिलेख और किसान क्रेडिट कार्ड से जुड़े दस्तावेज।
- पहचान एवं प्रमाणपत्र: मूल निवासी (डोमिसाइल) प्रमाण पत्र, स्थायी जाति प्रमाण पत्र (SC/ST/OBC), ईडब्ल्यूएस (EWS) सर्टिफिकेट, आय प्रमाण पत्र और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र।
- परिवहन सेवाएं: ड्राइविंग लाइसेंस (DL), वाहन पंजीयन (RC Book) और फिटनेस प्रमाण पत्र।
- शिक्षा एवं कौशल: मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MP Board) की 10वीं व 12वीं की अंकसूचियां, विश्वविद्यालयों की डिग्रियां, माइग्रेशन सर्टिफिकेट और तकनीकी डिप्लोमा।
- कल्याणकारी योजनाएं: समग्र आईडी, लाडली बहना योजना कार्ड, संबल कार्ड, आयुष्मान भारत कार्ड और राशन पात्रता पर्ची।
कैसे काम करेगा ‘माय वालेट’ और क्या हैं प्रमुख विशेषताएं?
- आधार और समग्र आधारित सुरक्षा: नागरिक अपने समग्र आईडी और आधार से लिंक मोबाइल नंबर के जरिए सुरक्षित ओटीपी (OTP) सत्यापन के बाद इस वॉलेट में लॉगिन कर सकेंगे।
- कानूनी मान्यता (IT Act 2000): सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) के तहत ‘माय वालेट’ में उपलब्ध सभी डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित (Digitally Signed) दस्तावेजों को राज्य के सभी विभागों, पुलिस प्रशासन, परिवहन जांच, अदालतों और बैंकों में मूल (हार्ड कॉपी) दस्तावेज के समान ही कानूनी मान्यता प्राप्त है।
- क्यूआर कोड से त्वरित सत्यापन (Instant QR Verification): हर दस्तावेज पर एक विशिष्ट सुरक्षित क्यूआर कोड अंकित रहेगा, जिसे स्कैन करके कोई भी जांच अधिकारी या संस्थान दस्तावेज की प्रामाणिकता तुरंत सत्यापित कर सकेगा। इससे फर्जीवाड़े पर पूरी तरह लगाम लगेगी।
- साइबर फ्रॉड से सुरक्षा: इसमें उन्नत 256-बिट एन्क्रिप्शन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे नागरिक का संवेदनशील डेटा हैकिंग या अनाधिकृत पहुंच से पूरी तरह सुरक्षित रहेगा।
दलालों और दफ्तरों के चक्करों से मिलेगी राहत
अब तक नागरिकों को प्रमाण पत्रों की पुनः प्रति (Duplicate Copy) निकलवाने के लिए लोक सेवा केंद्रों (LSC) या तहसील कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे। कई बार पुराने दस्तावेज खो जाने या कट-फट जाने पर भारी परेशानी उठानी पड़ती थी। ‘माय वालेट’ व्यवस्था से एक बार जारी हुआ दस्तावेज जीवनभर के लिए क्लाउड सर्वर पर डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगा, जिसे नागरिक जब चाहें तब डाउनलोड, प्रिंट या ऑनलाइन साझा कर सकेंगे।
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