देशभर में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। उत्तर भारत में सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण मध्य प्रदेश सहित देश के कई राज्यों में बारिश और आंधी का दौर शुरू हो गया है। वरिष्ठ पत्रकार और मौसम विशेषज्ञ दिनेश सोलंकी की रिपोर्ट के अनुसार, अगले 48 से 72 घंटे खेती और आम जनजीवन के लिए महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।
नई दिल्ली/भोपाल: देश में प्री-मानसून गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है। 18 मार्च 2026 को जारी मौसम विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन और वरिष्ठ मौसम विशेषज्ञ दिनेश सोलंकी के विश्लेषण के अनुसार, एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के पहाड़ों पर दस्तक दे चुका है। इसके प्रभाव से न केवल मैदानी इलाकों में तापमान गिरा है, बल्कि दक्षिण और मध्य भारत में भी बादलों का डेरा जम गया है।
मध्य प्रदेश: पूर्वी हिस्सों में ज्यादा असर दिनेश सोलंकी की रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों (रीवा, शहडोल, जबलपुर और सागर संभाग) में नमी का असर सबसे ज्यादा दिखेगा। भोपाल और इंदौर में भी बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें गिर सकती हैं। 20 मार्च को प्रदेश के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी आशंका है।
छत्तीसगढ़, तेलंगाना और बंगाल में ‘ऑरेंज अलर्ट’
- छत्तीसगढ़ और तेलंगाना: इन राज्यों में अगले 3 दिनों तक मध्यम से भारी बारिश और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। 18 और 19 मार्च को छत्तीसगढ़ में ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
- पश्चिम बंगाल और बिहार: पूर्वी भारत में ‘सब-ट्रॉपिकल वेस्टरली जेट स्ट्रीम’ के प्रभाव से गंगीय पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड में 21 मार्च तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
उत्तर भारत: पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानों में आंधी दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में 18 मार्च की रात से मौसम बदलेगा। 19 और 20 मार्च को इन इलाकों में तेज आंधी के साथ बारिश होने की संभावना है, जिससे पिछले कुछ दिनों से पड़ रही गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि, कटाई के लिए तैयार खड़ी फसलों के लिए यह बारिश चिंता का विषय बन सकती है।
विशेषज्ञ राय (दिनेश सोलंकी): “वर्तमान में दो विपरीत हवाओं का मिलन (Confluence) हो रहा है। उत्तर से आ रही ठंडी हवाएं और दक्षिण-पूर्व से आ रही नमी वाली हवाएं मध्य भारत के ऊपर टकरा रही हैं। इसी कारण अचानक बादल बन रहे हैं और बेमौसम बरसात हो रही है।

















