मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम (होशंगाबाद) जिले में युवा पीढ़ी को मादक पदार्थों और नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के उद्देश्य से व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। जिले के प्रमुख शासकीय व अशासकीय शिक्षण संस्थानों में आयोजित विशेष कार्यक्रमों के दौरान सैकड़ों छात्र-छात्राओं, एनसीसी कैडेट्स और शिक्षकों ने एक सुर में नशामुक्त समाज (Drug-Free Society) के निर्माण का संकल्प लिया। हाथों को आगे बढ़ाकर विद्यार्थियों ने जीवन में कभी भी किसी प्रकार के मादक पदार्थ का सेवन न करने और अपने परिवार, मित्रों व समाज को नशे से दूर रखने के लिए प्रेरित करने की शपथ ली।
‘नशामुक्त भारत अभियान’ के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधियों ने भी अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई।
स्कूलों और कॉलेजों में गूंजी शपथ: ‘स्वस्थ शरीर, सशक्त राष्ट्र’ जिले के उत्कृष्ट विद्यालय और स्नातकोत्तर महाविद्यालयों सहित विभिन्न परिसरों में एक साथ शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हुए:
- सामूहिक शपथ ग्रहण: विद्यार्थियों ने संकल्प दोहराया कि वे सिगरेट, गुटखा, शराब, सिंथेटिक ड्रग्स या किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों से खुद को दूर रखेंगे और समाज में इसके खिलाफ सजग प्रहरी की भूमिका निभाएंगे।
- शिक्षकों और मार्गदर्शकों का आह्वान: प्राचार्यों और शिक्षकों ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि किशोरावस्था और युवावस्था में भटकाव जीवन को अंधकार में धकेल देता है। अनुशासन, खेलकूद और सकारात्मक रुचियों के जरिए ही युवा अपने भविष्य को संवार सकते हैं।
जागरूकता रैली और तख्तियों के जरिए दिया कड़ा संदेश शपथ ग्रहण के उपरांत छात्र-छात्राओं ने प्रमुख मार्गों पर विशाल जन-जागरूकता रैली निकाली:
- नारेबाजी और प्रेरणादायक स्लोगन: “नशे को ना, जिंदगी को हां”, “नशा नाश की जड़ है भाई, इसने सबकी जान गंवाई” और “स्वस्थ नर्मदापुरम, नशामुक्त नर्मदापुरम” जैसे गगनभेदी नारों से शहर के मुख्य चौराहे गूंज उठे।
- रंग-बिरंगे पोस्टर्स और नुक्कड़ नाटक: विद्यार्थियों ने स्वयं तैयार किए गए पोस्टर्स और चित्रों के माध्यम से नशे से बिखरते परिवारों और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले जानलेवा प्रभावों का सजीव चित्रण किया। कुछ स्थानों पर छात्रों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर आम नागरिकों को जागरूक किया।
शैक्षणिक संस्थानों के आसपास कड़ी निगरानी के निर्देश कार्यक्रम के दौरान उपस्थित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को आश्वस्त किया कि युवाओं को नशे के चंगुल में फंसाने वाले असामाजिक तत्वों पर सख्त कानूनी प्रहार किया जा रहा है:
- दुकानों की जांच और कोटपा (COTPA) एक्ट: स्कूल और कॉलेज परिसरों के 100 मीटर के दायरे में सिगरेट, तंबाकू और गुटखा की बिक्री करने वालों के खिलाफ सघन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
- गुप्त सूचना तंत्र: विद्यार्थियों से अपील की गई कि यदि उनके आसपास कोई भी व्यक्ति नशीली दवाएं या मादक पदार्थ बेचने का प्रयास करता है, तो वे तुरंत हेल्पलाइन नंबर या पुलिस को गोपनीय रूप से सूचना दें।
नर्मदापुरम के युवाओं का यह सामूहिक संकल्प साबित करता है कि सकारात्मक सोच और सामूहिक इच्छाशक्ति के जरिए ही समाज को नशे की बुराई से पूरी तरह मुक्त कराया जा सकता है।
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