मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली कानूनी खबर सामने आ रही है। अपनी बहू ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में बुरी तरह उलझीं पूर्व सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) जज गिरीबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को भोपाल जिला अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में जेल भेज दिया है। इस पूरे घटनाक्रम का सबसे दिलचस्प और हैरान करने वाला पहलू यह है कि आरोपी गिरीबाला सिंह पूर्व में इसी भोपाल जिला न्यायालय में प्रमुख और बेहद रसूखदार पद पर पदस्थ रह चुकी हैं।
फांसी के फंदे पर मिली थी लाश, हत्या का आरोप मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार, ट्विशा शर्मा की मौत अत्यंत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी और उनका शव फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला था। घटना के बाद से ही ट्विशा के मायके पक्ष और परिवारजनों ने गिरीबाला सिंह और उनके बेटे पर प्रताड़ना और हत्या करने के गंभीर आरोप लगाए थे। इस हाई-प्रोफाइल मामले में स्थानीय भोपाल पुलिस पर भी शुरुआत में लापरवाही बरतने और रसूखदारों को बचाने के गंभीर आरोप लगे थे, जिसके बाद मृतका के परिवार ने न्याय के लिए डटकर मुकाबला किया।
सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान और CBI जांच के बाद एक्शन मामले की गंभीरता को देखते हुए देश की शीर्ष अदालत (सुप्रीम कोर्ट) ने इस पर स्वयं संज्ञान (Suo Motu) लिया और निष्पक्ष जांच के आदेश जारी किए। इसके बाद जबलपुर हाई कोर्ट से लेकर भोपाल कोर्ट तक मामले में प्रकरण दर्ज हुए और परिवार की मांग पर जांच सीबीआई (CBI) को सौंप दी गई। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती, सोशल मीडिया और मीडिया की सक्रिय भूमिका के चलते आखिरकार रिटायर्ड जज को सलाखों के पीछे जाना पड़ा। कानूनी जानकारों का मानना है कि सीबीआई जांच के कई अहम पहलू अभी बाकी हैं, जिससे आने वाले दिनों में कुछ और भी रसूखदार और प्रभावी लोग इस केस के दायरे में आ सकते हैं।

















