संसद के आगामी मानसून सत्र (Monsoon Session 2026) के शुरू होने से पहले केंद्र की सत्ताधारी पार्टी भाजपा और मोदी सरकार ने अपनी विधायी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में आज नई दिल्ली स्थित रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के सरकारी आवास पर एक बेहद महत्वपूर्ण और हाई-प्रोफाइल बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू सहित मोदी कैबिनेट के कई वरिष्ठ मंत्री शामिल हुए।
लगभग तीन घंटे से अधिक समय तक चली इस रणनीतिक बैठक (Strategy Session) का मुख्य उद्देश्य विपक्षी दलों के संभावित हमलों का करारा जवाब देना और संसद के पटल पर सरकार के विधायी एजेंडे को सुचारू रूप से आगे बढ़ाना है।
इन बड़े मुद्दों पर घिरने की आशंका; सरकार ने तैयार किया ‘जवाब’
राजनैतिक सूत्रों के अनुसार, आगामी मानसून सत्र बेहद हंगामेदार रहने के आसार हैं, क्योंकि विपक्ष कई बड़े राष्ट्रीय मुद्दों पर सरकार को चौतरफा घेरने की तैयारी में है। राजनाथ सिंह के आवास पर हुए मंथन में विशेष रूप से इन मुद्दों पर रणनीति बनाई गई:
- NEET-UG पेपर लीक विवाद: हाल ही में देश भर में हुए नीट परीक्षा विवाद और पेपर लीक के मामलों को लेकर विपक्षी दल (विशेषकर कांग्रेस) संसद में भारी हंगामा करने का मन बना चुके हैं। सरकार इस पर अपनी जांच एजेंसियों (CBI) की त्वरित कार्रवाई और नए सख्त ‘एंटी-पेपर लीक कानून’ के जरिए विपक्ष की हवा निकालने की रणनीति पर काम कर रही है।
- ऑपरेशन सिंदूर और रक्षा नीतियां: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा हाल ही में सैन्य अभियानों और हताहतों को लेकर दिए गए बयानों पर कांग्रेस ने विशेषाधिकार हनन (Breach of Privilege) का नोटिस दिया है। इस पर रक्षा मंत्रालय की ओर से तथ्यों के साथ तकनीकी और रणनीतिक पक्ष रखने की तैयारी कर ली गई है।
- 130वां संविधान संशोधन विधेयक: न्यायिक हिरासत में 30 दिनों से अधिक रहने पर जनप्रतिनिधियों को पद से हटाने के प्रावधान वाले इस प्रस्तावित बिल पर जारी राजनैतिक बहस के बीच सरकार की कोशिश इसे सदन में मजबूती से पास कराने की है।
विपक्ष में मची ‘टूट’ का भी दिखेगा असर
रणनीतिक रूप से यह सत्र इस मायने में भी खास है क्योंकि हालिया हफ्तों में कई प्रमुख विपक्षी दलों में बड़ी टूट (Splits) देखने को मिली है। तृणमूल कांग्रेस (TMC), शिवसेना (UBT) और आम आदमी पार्टी (AAP) के कई सांसदों के पाला बदलने या अलग गुट बनाने के दावों के बीच फ्लोर कोऑर्डिनेशन (सदन के भीतर तालमेल) को लेकर भी इस बैठक में चर्चा हुई कि कैसे इन परिस्थितियों का लाभ उठाते हुए विधायी कार्यों को बिना रुकावट पूरा कराया जाए।
19 जुलाई को सर्वदलीय बैठक; 20 से शुरू होगा सत्र
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने पहले ही स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी के बाद मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त 2026 तक चलेगा।
अगला कदम: सरकार ने सत्र शुरू होने से ठीक एक दिन पहले यानी 19 जुलाई को सुबह 11 बजे ‘सर्वदलीय बैठक’ (All-Party Meeting) बुलाई है। इस बैठक की अध्यक्षता भी पारंपरिक तौर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ही करेंगे, जिसमें सभी विपक्षी दलों के नेताओं से सदन को शांतिपूर्वक चलाने और देशहित के मुद्दों पर सार्थक बहस करने की अपील की जाएगी।












