महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का पेपर लीक होने का मामला अब एक बड़े राष्ट्रीय राजनैतिक संग्राम में तब्दील हो चुका है। परीक्षा से ऐन वक्त पहले पेपर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जहां लाखों परीक्षार्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है, वहीं इस मुद्दे को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच तलवारें खिंच गई हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे को लेकर महाराष्ट्र की महायुति सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखे हमलों की बौछार कर दी है।
इस भारी राजनैतिक घेराबंदी के बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मोर्चा संभालते हुए विपक्ष के आरोपों पर करारा पलटवार किया है और मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।
राहुल गांधी के तीखे सवाल: “युवाओं के भविष्य पर कब तक होता रहेगा व्यापार?”
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल और प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए महाराष्ट्र सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए एक के बाद एक कई गंभीर सवाल दागे:
- सिस्टम पर प्रहार: राहुल गांधी ने कहा, “चाहे नीट (NEET) हो या महाराष्ट्र की TET परीक्षा, भाजपा और उनके सहयोगियों के शासन में पेपर लीक एक स्थापित उद्योग बन चुका है। ईमानदारी से सालों-साल मेहनत करने वाले युवाओं के सपनों को चंद पैसों के लिए माफियाओं के हाथों बेच दिया जाता है।”
- सीधे पूछे 3 सवाल: उन्होंने सरकार से पूछा कि—आखिर हर बड़ी परीक्षा का पेपर लीक कैसे हो जाता है? इस शिक्षा माफिया के पीछे बैठे असली ‘व्हाइट कॉलर’ आका कौन हैं? और सरकार इन युवाओं को हुए मानसिक और आर्थिक नुकसान का हर्जाना कैसे देगी?
सीएम देवेंद्र फडणवीस का करारा जवाब: “दोषी चाहे कोई भी हो, जेल जाएगा”
विपक्ष के चौतरफा हमलों और छात्रों के भारी आक्रोश के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। उन्होंने मुंबई में मीडिया से बात करते हुए विपक्ष को राजनीति न करने की नसीहत दी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया: “TET पेपर लीक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और हमारी सरकार छात्रों के दर्द को समझती है। लेकिन विपक्ष इस पर गिद्ध नीति न अपनाए। हमारी पुलिस और सायबर सेल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों को धर दबोचा है। मैं महाराष्ट्र के युवाओं को विश्वास दिलाता हूं कि इस रैकेट में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसका राजनैतिक रसूख कितना भी बड़ा क्यों न हो। हम उन्हें पाताल से भी ढूंढ निकालेंगे।”
क्राइम ब्रांच और सायबर टीम एक्शन में; परीक्षा रद्द होने के आसार
प्रशासनिक स्तर पर इस मामले को लेकर हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक:
- बड़ी गिरफ्तारियां: मुंबई और पुणे क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने तकनीकी इनपुट के आधार पर एक निजी कोचिंग संचालक और आईटी (IT) फर्म के दो कर्मचारियों सहित 5 लोगों को हिरासत में लिया है।
- सख्त धाराओं में केस: आरोपियों के खिलाफ नए सख्त पेपर लीक विरोधी कानून और धोखाधड़ी की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
- दोबारा होगी परीक्षा: शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस दूषित हो चुकी परीक्षा को पूरी तरह रद्द कर आगामी 2 महीनों के भीतर पूरी सुरक्षा और नए सुरक्षा प्रोटोकॉल के साथ दोबारा आयोजित करने की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
इस पूरे घटनाक्रम ने आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से पहले सूबे का राजनैतिक तापमान चरम पर पहुंचा दिया है, जहां बेरोजगारी और पेपर लीक सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बनते दिख रहे हैं।












