छत्तीसगढ़ के प्रयागराज कहे जाने वाले राजिम में 15 दिनों तक चले राजिम कुंभ कल्प 2026 का भव्य समापन 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर हुआ। इस समापन समारोह के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय थे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राजिम को धार्मिक पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं, जिनमें श्रद्धालुओं और साधु-संतों के लिए 50 लाख रुपये की लागत से सर्वसुविधायुक्त धर्मशाला का निर्माण प्रमुख है।
| विवरण | जानकारी (Details) |
| समापन तिथि | 15 फरवरी 2026 (महाशिवरात्रि) |
| मुख्य अतिथि | मुख्यमंत्री विष्णु देव साय |
| प्रमुख उपस्थिति | संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, अरुण गोविल (अभिनेता) |
| बजट घोषणा | ₹50 लाख (आधुनिक धर्मशाला हेतु) |
| अन्य बड़ी घोषणा | त्रिवेणी संगम पर बैराज निर्माण की मंजूरी |
मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाएं और संबोधन
- साधु-संतों के लिए धर्मशाला: मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राजिम आने वाले श्रद्धालुओं और विशेष रूप से दूर-दराज से आने वाले साधु-संतों की सुविधा के लिए 50 लाख रुपये की लागत से एक सर्वसुविधायुक्त और आधुनिक धर्मशाला का निर्माण किया जाएगा।
- त्रिवेणी संगम पर बैराज: स्थानीय विधायक की मांग पर मुख्यमंत्री ने महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों के संगम पर बैराज निर्माण की घोषणा की। इससे संगम स्थल पर सालों भर पानी उपलब्ध रहेगा, जिससे पर्यटन (नौका विहार) को बढ़ावा मिलेगा और 136 गांवों को निस्तारी व सिंचाई के लिए पानी मिल सकेगा।
- सांस्कृतिक वैभव: समापन समारोह में रामायण के प्रसिद्ध कलाकार अरुण गोविल ने अपनी प्रस्तुति दी। साथ ही, बॉलीवुड गायिका कनिका कपूर के गीतों ने शाम को यादगार बना दिया।
- शाही स्नान: महाशिवरात्रि के दिन शाही स्नान और भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें नागा साधुओं और विभिन्न अखाड़ों के संतों ने हिस्सा लिया।
राजिम: छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक पहचान
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि “राजिम कुंभ केवल एक मेला नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है।” उन्होंने आश्वासन दिया कि आने वाले वर्षों में इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित बनाया जाएगा।

















