मध्य प्रदेश में ‘सिंहस्थ-2028’ के भव्य और ऐतिहासिक आयोजन को लेकर राज्य सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में संपन्न हुई सिंहस्थ के लिए गठित मंत्रिमंडलीय समिति की छठवीं बैठक में ₹491.66 करोड़ की लागत वाले 17 नए विकास कार्यों को हरी झंडी दे दी गई है। इस महा-परियोजना के तहत उज्जैन के साथ-साथ पवित्र ज्योतिर्लिंग नगरी ओंकारेश्वर के कायाकल्प और सुरक्षा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई अहम फैसले लिए गए हैं, जिसमें वहां एक अत्याधुनिक हेलीपैड और सर्वसुविधायुक्त अस्पताल का निर्माण प्रमुख रूप से शामिल है।
ओंकारेश्वर में आपदा प्रबंधन के लिए बनेगा हेलीपैड और अस्पताल
बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विशेष तौर पर निर्देशित किया कि ओंकारेश्वर में एक सर्वसुविधायुक्त अस्पताल और समर्पित हेलीपैड का निर्माण तत्काल शुरू किया जाए। मुख्यमंत्री का मानना है कि पर्व और त्योहारों के दौरान जुटने वाली भारी भीड़ को देखते हुए यह निर्माण किसी भी आपदा या आपातकालीन स्थिति में संजीवनी का काम करेंगे, जिससे जरूरत पड़ने पर मरीजों को एयर एम्बुलेंस जैसी अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। इसके अलावा ओंकारेश्वर में मल्टीलेवल पार्किंग, मंदिर परिसर का विकास, फूड कोर्ट और रेलवे ओवरब्रिज जैसी बुनियादी सुविधाओं को भी इस पैकेज में मंजूरी दी गई है।
उज्जैन और आसपास के रूटों का भी होगा कायाकल्प
इस स्वीकृत बजट से उज्जैन में भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शनि मंदिर से प्रशांति धाम चौराहा तक पुल, कान्ह नदी पर नया पुल, पंचक्रोशी मार्ग का चौड़ीकरण और नए विश्राम गृहों का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि ₹16,910 करोड़ से अधिक की चल रही अन्य 148 परियोजनाओं की तरह इन सभी 17 नए कार्यों को भी तय समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। सरकार की इस पहल से न केवल सिंहस्थ 2028 सुगम बनेगा, बल्कि मध्य प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को एक नया और वैश्विक आयाम मिलेगा।

















