मध्य प्रदेश में इन दिनों भीषण और झुलसाने वाली गर्मी का दौर जारी है। दिन ब दिन चढ़ते पारे ने आम जनजीवन को बेहाल कर दिया है। इसी बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने प्रदेशवासियों के लिए एक राहत भरी खबर के साथ-साथ एक चिंताजनक चेतावनी भी जारी की है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, राज्य में अगले दो दिनों तक तपिश का दौर जारी रहने के बाद 12 और 13 जून को तेज आंधी, गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) होने की प्रबल संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को चिलचिलाती धूप से फौरी राहत मिलेगी।
11-12 जून से बदलेगा मौसम का मिजाज, ओले गिरने की आशंका
IMD के भोपाल केंद्र द्वारा जारी पूर्वानुमान के मुताबिक, एक नए मौसम सिस्टम (पश्चिमी विक्षोभ) के सक्रिय होने के कारण 11 जून से प्रदेश के मौसम में बदलाव दिखना शुरू हो जाएगा। 12 जून (शुक्रवार) को पश्चिम और पूर्व मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज थंडरस्कॉल (अंधड़) चलने और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। इतना ही नहीं, मौसम विभाग ने 12 जून को मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में ओलावृष्टि (Hailstorm) का यलो/ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया है, जिससे दिन के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
चिंता की बात: इस साल देश और सूबे में कमजोर रहेगा मानसून
आगामी दिनों में मिलने वाली इस फौरी राहत के बीच, मौसम विभाग का दीर्घकालिक पूर्वानुमान (Long Range Forecast) कृषि प्रधान मध्य प्रदेश के लिए थोड़ी चिंता बढ़ाने वाला है। आईएमडी (IMD) ने इस साल देश में कमजोर या सामान्य से कम मानसून (Below-Normal Monsoon) रहने की आधिकारिक घोषणा की है। अल-नीनो (El Niño) के प्रभाव के चलते इस सीजन में देश और विशेष रूप से मध्य भारत में दीर्घावधि औसत (LPA) की महज 90% से 92% बारिश होने का अनुमान लगाया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 84% संभावना इस बात की है कि इस साल बारिश का कोटा कम रहेगा, जिससे आने वाले समय में किसानों को सिंचाई और फसलों के प्रबंधन में विशेष सावधानी बरतनी होगी।

















