मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह से सक्रिय (Super Active) हो चुका है, जिसके चलते प्रदेश के बड़े हिस्से में मानसूनी आफत और राहत का दौर एक साथ जारी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज, 7 जुलाई 2026 को राज्य के मौसम में बड़े बदलाव के संकेत देते हुए 31 जिलों में मूसलाधार बारिश और तीव्र आकाशीय बिजली (Vajrapat) की दोहरी चेतावनी जारी की है। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, अलग-अलग हिस्सों में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन के गुजरने के कारण मालवा-निमाड़, महाकौशल और चंबल अंचल में बादलों का कड़ा पहरा है।
इन जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’: बहुत भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने प्रदेश के 12 से अधिक जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ (Orange Alert) जारी किया है, जहाँ 4 से 6 इंच तक मूसलाधार बारिश होने की प्रबल आशंका है।
- प्रमुख प्रभावित क्षेत्र: इसके दायरे में मुख्य रूप से इंदौर, उज्जैन, रतलाम, धार, झाबुआ, खरगोन, बड़वानी, खंडवा, बुरहानपुर और देवास जैसे मालवा-निमाड़ के जिले शामिल हैं।
- तेज हवाओं का तांडव: इन क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और निचले इलाकों में जलभराव (Water Logging) की स्थिति निर्मित होने की आशंका जताई गई है।
राजधानी भोपाल समेत 18 जिलों में ‘येलो अलर्ट’
वहीं दूसरी ओर, राजधानी भोपाल, सीहोर, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, नर्मदापुरम, जबलपुर, छिंदवाड़ा और ग्वालियर सहित 18 जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ (Yellow Alert) जारी किया गया है।
- इन जिलों में रुक-रुक कर गरज-चमक (Thunderstorm) के साथ मध्यम से भारी बौछारें पड़ने का अनुमान है।
- लगातार हो रही झमाझम बारिश की वजह से नदी-नाले उफान पर आ गए हैं और तापमान में भी 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को उमस से पूरी तरह निजात मिल गई है।
प्रशासन की अपील: नदी-नालों और रपटों से दूर रहें
मौसम के तल्ख तेवरों को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन टीम (SDRF) और स्थानीय प्रशासन को पूरी तरह मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं। नदी और बांधों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जिला कलेक्टरों ने एडवायजरी जारी कर नागरिकों से अपील की है कि वे मूसलाधार बारिश के दौरान बिजली के खंभों, पेड़ों के नीचे शरण न लें और उफनते हुए नालों या रपटों (Culverts) को पार करने का दुस्साहस बिल्कुल न करें।












