मध्य प्रदेश के हजारों निजी स्कूल (Private Schools) संचालकों के लिए एक बड़ी और बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य शिक्षा केंद्र (Rajya Shiksha Kendra – RSK) ने शैक्षणिक सत्र के लिए निजी विद्यालयों की नवीन मान्यता (New Recognition) और मान्यता नवीनीकरण (Renewal of Recognition) के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि को एक बार फिर आगे बढ़ा दिया है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी संशोधित समय-सारणी के अनुसार, अब स्कूल संचालक आगामी 10 जुलाई 2026 तक पोर्टल पर जाकर अपनी मैपिंग और जरूरी दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा कर सकेंगे।
तकनीकी दिक्कतों और स्कूल संचालकों की मांग के आगे झुका प्रशासन
दरअसल, पूर्व में निर्धारित समय-सारणी के तहत आवेदन करने की अंतिम तिथि समाप्त हो रही थी, लेकिन प्रदेश के कई जिलों में आरटीई (RTE Portal) पोर्टल पर आ रही तकनीकी दिक्कतों, सर्वर डाउन होने और जरूरी दस्तावेजों (जैसे बीआरसीसी भौतिक सत्यापन रिपोर्ट और फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट) को जुटाने में हो रही देरी के कारण हजारों स्कूल आवेदन करने से वंचित रह गए थे। अशासकीय स्कूल संचालक संगठनों ने राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक और वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर तारीख बढ़ाने की गुहार लगाई थी, जिसे ध्यान में रखते हुए शासन ने यह छात्रहित और स्कूलहित में बड़ा फैसला लिया है।
संशोधित समय-सारणी की मुख्य बातें: इसके बाद नहीं मिलेगा मौका
राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा जिला शिक्षा अधिकारियों (DEOs) और संकुल प्राचार्यों को जारी पत्र के अनुसार, इस बार पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं:
- आवेदन की अंतिम तिथि: निजी स्कूल अब 10 जुलाई 2026 तक आधिकारिक आरटीई पोर्टल के माध्यम से सशुल्क या आवश्यक प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन आवेदन लॉक कर सकते हैं।
- भौतिक सत्यापन (Physical Verification): आवेदन जमा होने के बाद संबंधित क्षेत्र के बीआरसीसी (BRCC) और निरीक्षण दल द्वारा स्कूलों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा, जिसकी रिपोर्ट ऑनलाइन सबमिट करनी होगी।
- अंतिम चेतावनी: आदेश में साफ किया गया है कि इसके बाद किसी भी परिस्थिति में तारीख आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। जो स्कूल समय पर आवेदन नहीं करेंगे, उन्हें आगामी सत्र में अवैध माना जा सकता है या उनकी आरटीई (RTE) के तहत आने वाले बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति (Fee Reimbursement) रोकी जा सकती है।
इस फैसले से मालवा-निमाड़, महाकौशल और मध्य भारत सहित पूरे प्रदेश के करीब 25,000 से अधिक निजी स्कूल संचालकों को अपने दस्तावेज दुरुस्त कर आवेदन करने का एक अंतिम और सुनहरा अवसर मिल गया है।












