मध्य प्रदेश के बुजुर्ग पेंशनरों के लिए न्यायिक मोर्चे से बड़ी और बहुप्रतीक्षित राहत सामने आई है। 80वें वर्ष में प्रवेश करते ही यानी 79 वर्ष की आयु पूर्ण होते ही 20 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन का लाभ दिए जाने के मामले में राज्य सरकार द्वारा दायर पुनर्विचार याचिका (Review Petition) भी सुप्रीम कोर्ट से खारिज हो चुकी है। इस ऐतिहासिक न्यायिक निर्णय के बाद अब पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन मध्य प्रदेश ने राज्य शासन से सभी पात्र वृद्ध पेंशनरों के लिए तत्काल प्रभाव से औपचारिक आदेश जारी करने और रुके हुए एरियर्स का भुगतान करने की पुरजोर मांग की है।
एसोसिएशन का कहना है कि शीर्ष अदालत के फैसले के बाद अब इस मामले में शासन की ओर से उठाया गया न्यायिक विवाद पूरी तरह समाप्त हो चुका है। ऐसे में बुजुर्ग पेंशनरों को अपने जायज हक के लिए बार-बार अलग-अलग अदालतों के चक्कर लगाने के लिए मजबूर न किया जाए।
ग्वालियर हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक की कानूनी लड़ाईपेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष आमोद सक्सेना और पदाधिकारियों ने बताया कि मध्य प्रदेश में लंबे समय से शासन द्वारा 80 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद अतिरिक्त पेंशन देने का नियम लागू किया जा रहा था, जबकि नियम का मानवीय और कानूनी अर्थ 80वें वर्ष में प्रवेश (यानी 79 वर्ष पूर्ण होने पर) से लागू होना था।
- ग्वालियर हाईकोर्ट का फैसला: पेंशनरों के पक्ष में निर्णय देते हुए ग्वालियर उच्च न्यायालय ने 80वें वर्ष में प्रवेश के प्रथम दिवस से 20 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन दिए जाने का आदेश पारित किया था।
- सुप्रीम कोर्ट में SLP खारिज: राज्य शासन ने इस आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया।
- रिव्यू पिटीशन भी निरस्त: इसके बाद शासन द्वारा दायर पुनर्विचार याचिका को भी सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त कर दिया, जिसके बाद हाईकोर्ट का फैसला अंतिम व प्रभावी हो गया।
एरियर्स सहित एकमुश्त आदेश जारी करने की मांगपेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के संरक्षक गणेश दत्त जोशी और भोपाल जिला अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और अपर मुख्य सचिव (वित्त) से मांग की है कि:
- समान रूप से लागू हो फैसला: इस आदेश को केवल याचिकाकर्ताओं तक सीमित न रखकर प्रदेश के सभी 79 वर्ष की आयु पूरी कर चुके पात्र पेंशनरों और परिवार पेंशनरों पर समान रूप से लागू किया जाए।
- बकाया एरियर्स का भुगतान: पूर्व में इस लाभ से वंचित रहे वरिष्ठ पेंशनरों को पिछले वर्षों का बकाया (एरियर्स) नियमानुसार तत्काल प्रदान किया जाए।
- प्रशासनिक संवेदनशीलता: उम्र के इस पड़ाव में स्वास्थ्य और दवाओं के खर्च को देखते हुए शासन बिना किसी विलंब के वित्त विभाग के माध्यम से ट्रेजरी और बैंकों को भुगतान के निर्देश जारी करे।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि शासन ने शीघ्र आदेश जारी नहीं किए, तो प्रतिनिधिमंडल सीधे वित्त विभाग और शासन स्तर पर मुलाकात कर ज्ञापन सौंपेगा।
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