मध्य प्रदेश में चुनावी निष्पक्षता, ईवीएम और निर्वाचन प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर कांग्रेस पार्टी ने केंद्रीय निर्वाचन आयोग के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) द्वारा सोमवार, 28 सितंबर 2026 को देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग को लेकर राजधानी भोपाल की सड़कों पर एक विशाल पैदल विरोध मार्च निकाला जा रहा है।
यह पैदल मार्च प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय (पीसीसी) से शुरू होकर अरेरा हिल्स स्थित मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय तक पहुंचेगा, जहां पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में निर्वाचन आयोग कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व का महाजमावड़ा
निर्वाचन आयोग के घेराव कार्यक्रम में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और मध्य प्रदेश कांग्रेस के तमाम दिग्गज नेता एक मंच पर एकजुट होकर सड़क पर उतर रहे हैं:
- प्रमुख नेताओं की अगुवाई: विरोध प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी श्री हरीश चौधरी, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार और पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद श्री दिग्विजय सिंह मुख्य रूप से शामिल हैं।
- विधायक और फ्रंटल संगठन: मार्च में कांग्रेस विधायक दल के सदस्य, प्रदेश पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष, युवक कांग्रेस (IYC), एनएसयूआई (NSUI) और महिला कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ता भारी संख्या में भाग ले रहे हैं।
विरोध प्रदर्शन का पूरा शेड्यूल
- तारीख: 28 सितंबर 2026, सोमवार।
- समय: प्रातः 11:00 बजे से।
- स्थान व मार्ग: प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (शिवाजी नगर) $\rightarrow$ लिंक रोड $\rightarrow$ अरेरा हिल्स स्थित केंद्रीय निर्वाचन आयोग / मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च एवं घेराव।
किन मुद्दों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे पर अड़ी कांग्रेस?
कांग्रेस नेतृत्व का आरोप है कि केंद्रीय निर्वाचन आयोग संवैधानिक स्वायत्तता और निष्पक्षता बनाए रखने में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है:
- संवैधानिक संस्थाओं की साख पर सवाल: कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यप्रणाली स्वतंत्र और निष्पक्ष न होकर केंद्र सरकार के प्रभाव में नजर आती है। मतदाता सूची में विसंगतियों, फर्जी नामों के जुड़ाव और विपक्षी दलों की शिकायतों पर त्वरित व पारदर्शी कार्रवाई न होने से संस्था की साख पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
- ईवीएम और वीवीपैट पर्चियों का मुद्दा: 100% वीवीपैट पर्चियों के मिलान और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर आयोग के अड़ियल रवैये को लेकर भी कांग्रेस आक्रामक है।
- चुनावी आचार संहिता के दोहरे मापदंड: कांग्रेस का दावा है कि सत्तापक्ष के शीर्ष नेताओं द्वारा आचार संहिता के खुले उल्लंघनों पर आयोग आंखें मूंदे रहता है, जबकि विपक्ष पर तुरंत नोटिस और कार्रवाई की जाती है।
अरेरा हिल्स पर भारी पुलिस बल तैनात, सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त
कांग्रेस के इस बड़े घेराव और मार्च के आह्वान को देखते हुए भोपाल पुलिस कमिश्नरेट ने अरेरा हिल्स और पीसीसी कार्यालय के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं:
- मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की ओर जाने वाले रास्तों पर त्रिस्तरीय बैरिकेडिंग की गई है।
- कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए वाटर कैनन (जल तोप), वज्र वाहन और भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है।
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