जून महीने में अल नीनो (El Niño) के असर और भीषण सूखे जैसी स्थिति का सामना करने के बाद, जुलाई की शुरुआत में ही मानसून ने देश के मध्य भागों में जबरदस्त और जोरदार वापसी की है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून अब मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में पूरी तरह से ‘फुल एक्टिव’ (Fairly Widespread to Widespread) मोड में आ चुका है। मौसम विभाग ने इन तीनों राज्यों के बड़े हिस्से में गरज-चमक, वज्रपात (आकाशीय बिजली) और तेज हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी बारिश (Heavy Rain Alert) की चेतावनी जारी की है।
आइए जानते हैं तीनों राज्यों में मानसून की क्या स्थिति है और कहाँ-कहाँ आफत की बारिश का अनुमान है:
1. मध्य प्रदेश: पश्चिमी और पूर्वी मप्र में भारी बारिश का दौर
मध्य प्रदेश के ऊपर एक सुस्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र (Well-marked Low-Pressure Area) सक्रिय होने के कारण प्रदेश में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है।
- भारी बारिश की चेतावनी: मौसम विभाग ने पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं और आकाशीय बिजली चमकने के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
- प्रभावित क्षेत्र: मालवा-निमाड़ अंचल (धार, झाबुआ, खरगोन), भोपाल, नर्मदापुरम, विदिशा, रायसेन, सागर, ग्वालियर और चंबल संभाग के जिलों में अगले 24 से 48 घंटों के भीतर व्यापक वर्षा और कुछ पॉकेट्स में भारी जलभराव की आशंका जताई गई है।
2. राजस्थान: पूरे सूबे को मानसून ने किया कवर
राजस्थान के किसानों और आम जनता के लिए बड़ी खबर है कि मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) तेजी से आगे बढ़ते हुए आज, 09 जुलाई 2026 को राजस्थान के बचे हुए अंतिम हिस्सों को भी पार कर चुकी है। इसी के साथ मानसून ने पूरे देश को कवर कर लिया है।
- अलर्ट की स्थिति: मौसम विभाग ने पूर्वी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों (उदयपुर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, अलवर, दौसा, सवाई माधोपुर) में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया है।
- पश्चिमी राजस्थान के जिलों (जोधपुर, बाड़मेर, बीकानेर, चूरू) में धूल भरी आंधी, बादलों की गर्जना और 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने के साथ हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी दी गई है।
3. छत्तीसगढ़: नदी-नालों में उफान, आंधी-तूफान का अलर्ट
छत्तीसगढ़ में भी मानसून की ट्रफ लाइन (Monsoon Trough) और चक्रवाती हवाओं के घेरे के कारण मानसून पूरी तरह मेहरबान है।
- मौसम का मिजाज: राजधानी रायपुर सहित बस्तर, सरगुजा, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के जिलों में लगातार वर्षा दर्ज की जा रही है।
- आगामी चेतावनी: मौसम विज्ञानियों ने 09 जुलाई से 13 जुलाई के दौरान छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में अंधड़ चलने (Thunderstorm) और बिजली कड़कने के साथ भारी बारिश की संभावना जताई है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों और नदी किनारे बसे ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
खेती-किसानी के लिए ‘अमृत’, आम जनजीवन के लिए चुनौती
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, जून में करीब 40% कम बारिश के कारण पिछड़ चुकी खरीफ फसलों की बुवाई (धान की रोपाई, सोयाबीन, मक्का और कपास) को इस मानसूनी बारिश से नया जीवनदान मिला है। हालांकि, अचानक होने वाली अतिवृष्टि (Extremely Heavy Rain) से कई शहरी और ग्रामीण इलाकों में जलभराव, यातायात बाधित होने और नदी-नालों के उफनने का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे आम जनता को सावधान रहने की सख्त आवश्यकता है।












