मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के तहत आने वाले महू के प्रसिद्ध पिकनिक स्पॉट ‘लोधिया कुंड’ वॉटरफॉल पर वीकेंड की छुट्टियां मनाना दो युवकों के लिए काल बन गया। झरने के कुंड में नहाते समय गहरे पानी और तेज बहाव की चपेट में आने से दो चचेरे (कजिन) भाइयों की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। दोनों युवक दोस्तों और परिजनों के साथ वीकेंड का आनंद लेने आए थे, लेकिन पलक झपकते ही खुशियों का माहौल चीख-पुकार और मातम में बदल गया।
नहाते समय गहरे गड्ढे में फिसला पैर प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मानसूनी सीजन के चलते लोधिया कुंड झरने में पानी का बहाव तेज था और आसपास बड़ी संख्या में पर्यटक मौजूद थे।
- अचानक असंतुलित हुए युवक: दोनों भाई नहाने के दौरान पानी के बहाव और गहराई का सही अंदाजा नहीं लगा पाए। इसी बीच एक युवक का पैर गहरे पानी की तरफ फिसल गया और वह डूबने लगा।
- बचाने के फेर में दूसरा भी डूबा: भाई को डूबता देख दूसरे भाई ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन कुंड में भंवर और अत्यधिक गहराई होने के कारण दोनों ही पानी में समा गए।
गोताखोरों की मदद से निकाले गए शव घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद लोगों ने शोर मचाया और स्थानीय ग्रामीणों व पुलिस को सूचना दी:
- रेस्क्यू ऑपरेशन: सूचना मिलते ही महू ग्रामीण पुलिस और होमगार्ड के गोताखोर मौके पर पहुंचे।
- शवों की बरामदगी: काफी मशक्कत और घंटों चले सर्च ऑपरेशन के बाद गोताखोरों की टीम ने दोनों युवकों के शवों को गहरे कुंड से बाहर निकाला।
- अस्पताल में मातम: शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए महू के सिविल अस्पताल भिजवाया गया, जहां परिजनों के पहुंचने के बाद माहौल गमगीन हो गया।
पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल बारिश के दिनों में महू और इंदौर के आसपास स्थित पातालपानी, तिंछा फॉल, बामनिया कुंड और लोधिया कुंड जैसे प्राकृतिक झरनों पर पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ती है। स्थानीय प्रशासन द्वारा चेतावनी बोर्ड लगाए जाने और गहरे पानी में न उतरने के दिशा-निर्देशों के बावजूद कई पर्यटक सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए जान जोखिम में डाल देते हैं।
पुलिस प्रशासन ने एक बार फिर आम जनता और पर्यटकों से अपील की है कि वे जलप्रपातों के संवेदनशील व खतरनाक क्षेत्रों में गहरे पानी के करीब न जाएं।
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