मध्य प्रदेश में मानसूनी गतिविधियों के उतार-चढ़ाव के बीच राज्य में अब तक औसतन 31.1 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो चालू सीजन के कुल अपेक्षित कोटे का लगभग 83.5 प्रतिशत है। मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) द्वारा 8 सितंबर को जारी बुलेटिन के अनुसार, आने वाले दिनों में पूर्वी मध्य प्रदेश—विशेषकर रीवा और शहडोल संभाग में मानसून की सक्रियता बनी रहेगी और कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
बारिश के आंकड़ों में क्षेत्रीय असमानता राज्य स्तर पर बारिश के आंकड़ों में पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के बीच खासा अंतर देखने को मिल रहा है:
- कोटे से 6% कम बारिश: सामान्य तौर पर इस अवधि तक राज्य में 33.1 इंच बारिश होनी चाहिए थी, जिसके मुकाबले राज्य में वर्तमान में करीब 6 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज हुई है।
- पूर्वी बनाम पश्चिमी भाग: पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 1 प्रतिशत अधिक पानी बरसा है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश अभी भी औसत से 12 प्रतिशत पीछे चल रहा है।
- 31 जिले अब भी सामान्य से पीछे: प्रदेश के 55 जिलों में से 31 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि 12 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा हुई है।
मऊगंज सबसे आगे, आलीराजपुर में सबसे कम बारिश
- सर्वाधिक बारिश: नवगठित मऊगंज जिला 53 इंच (लगभग 1,350 मिमी) बारिश के साथ प्रदेश में शीर्ष पर बना हुआ है। इसके बाद सतना, शहडोल और सीधी में भी अच्छी बारिश रिकॉर्ड हुई है।
- सबसे कम बारिश: पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर जिले में सबसे कम महज 13.6 इंच वर्षा दर्ज की गई है।
रीवा-शहडोल के लिए अलर्ट, 12 सितंबर से नया सिस्टम सक्रिय होने के आसार मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के मध्य भाग में बने कम दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) और बंगाल की खाड़ी तक फैली मानसून ट्रफ के असर से विंध्य और शहडोल अंचल में नमी आ रही है।
- भारी बारिश की चेतावनी: रीवा, पन्ना, सतना, सीधी, सिंगरौली और शहडोल में गरज-चमक के साथ भारी बारिश और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है।
- पश्चिमी व मध्य हिस्से का हाल: भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर हल्की रिमझिम बारिश हो सकती है।
- नया मानसूनी तंत्र: मौसम विभाग का अनुमान है कि 12 सितंबर के बाद बंगाल की खाड़ी से एक नया वेदर सिस्टम सक्रिय होगा, जिससे पूरे प्रदेश में बारिश के एक नए और तेज दौर की शुरुआत हो सकती है।
प्रशासन ने आकाशीय बिजली चमकने के दौरान नागरिकों से खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
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