मध्य प्रदेश में मानसून की लुकाछिपी के बीच मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए ताजा बुलेटिन जारी किया है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, प्रदेश में अगले 3 दिनों (11 जुलाई से 13 जुलाई) तक अधिकांश हिस्सों में घने बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की संभावना है। हालांकि, झमाझम और भारी बारिश का इंतजार कर रहे लोगों के लिए 14 जुलाई से मौसम में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा, जब राज्य के कई जिलों में एक बार फिर मानसून पूरी रफ्तार पकड़ सकता है।
आज का हाल: छाए रहेंगे बादल, उमस से थोड़ी राहत
आज यानी 11 जुलाई 2026 को राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के अधिकांश संभागों में सुबह से ही आसमान में बादलों का डेरा है।
- तापमान और उमस: आज का अधिकतम तापमान 34°C और न्यूनतम तापमान 27°C रहने का अनुमान है। हवा में नमी (Humidity) का स्तर लगभग 62% होने के कारण दिन में थोड़ी उमस महसूस हो सकती है, जिससे ‘फील्स लाइक’ (Real Feel) तापमान 37°C तक पहुंच सकता है।
- तेज हवाएं: पश्चिमी दिशा से 15 मील प्रति घंटे (15 mph) की रफ्तार से चल रही ठंडी हवाएं उमस से राहत दिलाने का काम कर रही हैं। आज दिन में बारिश की संभावना करीब 20% और रात में 10% के आसपास है।
12 और 13 जुलाई का पूर्वानुमान: बनी रहेगी बादलों की आवाजाही
रविवार (12 जुलाई) और सोमवार (13 जुलाई) को भी मौसम का मिजाज लगभग आज जैसा ही बना रहेगा। इन दो दिनों में भी अधिकतम तापमान 34°C के आसपास थमा रहेगा। आसमान में आंशिक से लेकर पूर्ण रूप से बादल छाए रहेंगे और कुछ पॉकेट्स में स्थानीय स्तर पर गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी (Light Rain) दर्ज की जा सकती है। इन दिनों में बारिश की संभावना महज 10% से 20% के बीच आंकी गई है।
14-15 जुलाई से मानसून पकड़ेगा रफ्तार: भारी बारिश की चेतावनी
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी या अरब सागर में बनने वाले नए सिस्टम के असर से 14 जुलाई (मंगलवार) से सूबे में मानसूनी गतिविधियां तेजी से बढ़ेंगी।
- 14 जुलाई का अलर्ट: मंगलवार से घने बादलों के साथ बारिश की संभावना बढ़कर 20% (दिन और रात दोनों समय) हो जाएगी।
- 15 जुलाई को गिरेगा पारा: बुधवार (15 जुलाई) को बारिश की संभावना बढ़कर 35% तक पहुंच जाएगी। इस दौरान झमाझम बारिश के चलते दिन के अधिकतम तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज होगी और यह 30°C के स्तर पर आ जाएगा, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से पूरी तरह निजात मिलेगी।
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे आगामी भारी बारिश के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए अपनी फसलों की बुवाई और जल निकासी की व्यवस्था समय पर पूरी कर लें।












