मध्य प्रदेश में लंबी दूरी और ग्रामीण रूटों पर सफर करने वाले आम यात्रियों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आ रही है। निजी (प्राइवेट) बस ऑपरेटरों द्वारा त्योहारों और पीक सीजन में मनमाना किराया वसूलने और यात्रियों के साथ बदसलूकी करने की बढ़ती शिकायतों पर अब सरकार सख्त कदम उठाने जा रही है। परिवहन विभाग प्रदेश भर में ‘सुगम बस सेवा’ (Sugam Bus Seva) शुरू करने की योजना पर तेजी से काम कर रहा है। इस नई सरकारी पहल के लागू होने से न केवल निजी ऑपरेटरों की मनमानी और गुंडागर्दी पर पूरी तरह रोक लगेगी, बल्कि आम जनता बेहद किफायती और सस्ते दामों पर सुरक्षित सफर तय कर सकेगी।
किफायती किराए के साथ मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं परिवहन मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, ‘सुगम बस सेवा’ के तहत सरकार चुनिंदा मुख्य मार्गों और ग्रामीण अंचलों को आपस में जोड़ने के लिए क्लस्टर मॉडल पर बसों का संचालन करेगी। इन बसों का किराया निजी बसों की तुलना में करीब 20 से 30 प्रतिशत तक कम रखने का प्रस्ताव है। सबसे खास बात यह है कि किराए में भारी कटौती के बावजूद यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इन सभी बसों में जीपीएस (GPS) ट्रैकिंग, पैनिक बटन, सीसीटीवी (CCTV) कैमरे और महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं अनिवार्य रूप से मौजूद रहेंगी।
डिजिटल टिकटिंग से पारदर्शी बनेगी व्यवस्था प्राइवेट बस चालकों द्वारा बीच रास्ते में सवारी उतारने और तय किराए से अधिक पैसे ऐंठने की आदत पर लगाम लगाने के लिए इस सेवा को पूरी तरह डिजिटल किया जा रहा है। यात्री मोबाइल ऐप और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से एडवांस बुकिंग कर सकेंगे, जिससे उन्हें ‘कंडक्टर राज’ से मुक्ति मिलेगी। परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा पैदा करना है, ताकि प्राइवेट ऑपरेटर भी अपने किराए को नियंत्रित रखने और व्यवहार सुधारने पर मजबूर हों। जल्द ही इस योजना के रूट और परमिट जारी कर इसे धरातल पर उतार दिया जाएगा।

















