मध्य प्रदेश के सार्वजनिक परिवहन के इतिहास में आज का दिन ऐतिहासिक मोड़ साबित हुआ है। वर्ष 2005 में मध्य प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (MPSRTC) के बंद होने के बाद, करीब 21 साल के लंबे अंतराल के पश्चात प्रदेश में एक बार फिर संगठित सरकारी लोक परिवहन व्यवस्था की आधिकारिक वापसी हो गई है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के पावन अवसर पर राजधानी भोपाल के भेल (BHEL) दशहरा मैदान में आयोजित भव्य राज्यस्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने संयुक्त रूप से ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के तहत प्रथम चरण की 351 आधुनिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस नई सेवा के जरिए राज्य के नागरिकों को निजी बस ऑपरेटरों की मनमानी से राहत मिलेगी और सुरक्षित, किफायती व समयबद्ध यात्रा की सुविधा उपलब्ध होगी। सरकार ने वर्ष 2031 तक प्रदेश के बेड़े में 15,000 बसें शामिल करने और राज्य की 75% ग्राम पंचायतों को इस नेटवर्क से जोड़ने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।
पहले चरण में 7 शहरों को मिलीं 351 बसें (शहरवार आवंटन)
योजना के पहले चरण में 351 बसों को इंटरसिटी (दो शहरों के बीच) और इंट्रासिटी (शहर के भीतर) रूटों पर उतारा गया है:
- कुल बेड़ा: 120 बसें इंटरसिटी मार्गों पर और 231 बसें विभिन्न शहरों के भीतर चलेंगी।
- इंदौर (सबसे बड़ा हिस्सा): 145 बसें (50 इंटरसिटी और 95 इंट्रासिटी)।
- भोपाल: 106 बसें (23 इंटरसिटी और 83 इंट्रासिटी)।
- जबलपुर: 67 बसें (14 इंटरसिटी और 53 इंट्रासिटी)।
- रीवा: 18 इंटरसिटी बसें।
- देवास: 10 बसें।
- कटनी: 3 बसें।
- भिंड: 2 बसें।
पुराना निगम नहीं, नए आधुनिक ‘PPP मॉडल’ पर संचालन
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह पुरानी घाटे वाली परिवहन निगम प्रणाली की नकल नहीं है, बल्कि एक आधुनिक और व्यावहारिक व्यवस्था है:
- पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP): निजी बस ऑपरेटर सरकार द्वारा तय कड़े नियमों, रूटों और निर्धारित किराए के तहत बसों का संचालन करेंगे।
- कंट्रोल रूम से निगरानी: बसों के संचालन, समय की पाबंदी और रूट ट्रैकिंग के लिए राज्य स्तर पर आधुनिक ‘इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम’ (ITMS) और कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर तैयार किया गया है।
- सुरक्षा के कड़े मानक: सभी बसों में यात्रियों और विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस ट्रैकर और आपातकालीन पैनिक बटन (Panic Buttons) अनिवार्य रूप से लगाए गए हैं।
केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि आधुनिक और प्रदूषण मुक्त सार्वजनिक परिवहन किसी भी राज्य के आर्थिक विकास की जीवनरेखा होता है। उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार के इस निर्णय की सराहना करते हुए आने वाले समय में इलेक्ट्रिक बसों, ग्रीन हाइड्रोजन और सीएनजी आधारित वाहनों को अधिकतम प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 21 साल पहले जब सरकारी बसें बंद हुई थीं, तो आम जनता, ग्रामीण और विद्यार्थी निजी बस माफियाओं की मनमानी पर निर्भर हो गए थे। अब ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के माध्यम से न केवल शहरों को, बल्कि दूर-दराज के गांवों और कस्बों को भी सुगम और किफायती यात्रा का सशक्त विकल्प मिलेगा। हर साल 2,500 से 3,000 नई बसें जोड़कर नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जाएगा।
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