देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में लोक परिवहन (पब्लिक ट्रांसपोर्ट) और इंटरसिटी बस संचालन को अधिक सुरक्षित, सुगम और यात्री-हितैषी बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल हुई है। अर्बन मोबिलिटी विशेषज्ञ, ट्रैफिक प्लानर्स और प्रमुख निजी बस ऑपरेटर्स एक साझा मंच पर एकत्र हुए। इस संयुक्त कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शहर के अंदर और आसपास के उपनगरीय व अंतरराज्यीय मार्गों पर संचालित होने वाली बसों की गुणवत्ता सुधारने, तय समय-सारणी का पालन कराने और आधुनिक तकनीकी समाधानों को एकीकृत करने के लिए एक व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार करना था।
कार्यशाला में अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (AICTSL) के मॉडल, निजी बस ऑपरेटरों के सामने आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों और यात्रियों के फीडबैक को लेकर बिंदुवार चर्चा की गई।
यात्री सुरक्षा और सुविधाओं का आधुनिकीकरण प्राथमिकता बैठक में विशेषज्ञों ने जोर देकर कहा कि इंदौर तेजी से एक बड़े इकोनॉमिक और एजुकेशन हब के रूप में उभर रहा है, जिसके चलते दैनिक यात्रियों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है:
- जीपीएस ट्रैकिंग और डिजिटल टिकटिंग: सभी निजी बसों में अनिवार्य व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम (VTS/GPS), सीसीटीवी कैमरे और इमरजेंसी पैनिक बटन सक्रिय रखने पर सहमति बनी, ताकि महिला यात्रियों और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। साथ ही नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) और डिजिटल टिकटिंग के दायरे को बढ़ाने की वकालत की गई।
- ड्राइवर-कंडक्टर का व्यवहार व प्रशिक्षण: लंबे रूट और सिटी रूट्स पर चलने वाले ड्राइवरों व सह-कर्मियों के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच, आई चेकअप और सॉफ्ट स्किल्स ट्रेनिंग वर्कशॉप आयोजित करने की आवश्यकता रेखांकित की गई।
- शेड्यूल और ओवर-स्पीडिंग पर लगाम: कई निजी ऑपरेटरों द्वारा स्टॉपेज पर अनावश्यक समय बिताने और बाद में समय कवर करने के लिए की जाने वाली ओवर-स्पीडिंग को रोकने के लिए सेंट्रलाइज्ड मॉनिटरिंग सिस्टम का सुझाव दिया गया।
ऑपरेटर्स ने रखीं व्यावहारिक मांगें निजी बस संचालकों ने भी अपनी प्रशासनिक और ढांचागत कठिनाइयों को मंच पर साझा किया:
- बस टर्मिनल्स पर बुनियादी ढांचा: ऑपरेटर्स ने सरवटे बस स्टैंड, गंगवाल और नवलखा जैसे प्रमुख बस टर्मिनल्स पर यात्रियों के लिए बेहतर प्रतीक्षालय, साफ-सुथरे शौचालय और बसों के सुव्यवस्थित रखरखाव के लिए पर्याप्त बे (Bay) उपलब्ध कराने की मांग की।
- फेयर स्ट्रक्चर और परमिट प्रक्रिया: ईंधन की बढ़ती कीमतों, स्पेयर पार्ट्स की लागत और बीमा दरों को ध्यान में रखते हुए तर्कसंगत किराया निर्धारण प्रणाली और सुगम सिंगल-विंडो परमिट व्यवस्था की मांग दोहराई गई।
मोबिलिटी एक्सपर्ट्स का दृष्टिकोण शहरी परिवहन योजनाकारों का मानना है कि केवल सरकारी प्रयासों से शहर की ट्रैफिक समस्याओं का समाधान संभव नहीं है। जब तक निजी बस ऑपरेटर्स संगठित होकर नियम-कायदों और आधुनिक तकनीकों को अपनी कार्यशैली में शामिल नहीं करेंगे, तब तक निजी वाहनों की निर्भरता को कम करना संभव नहीं होगा।
दोनों पक्षों ने तय किया कि एक नियमित वर्किंग ग्रुप का गठन किया जाएगा, जो समय-समय पर परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर इन सिफारिशों को धरातल पर उतारने का काम करेगा।
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