मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के व्यस्ततम इलाके नौलखा में एक बहुमंजिला व्यावसायिक परिसर (Commercial Complex) में मंगलवार शाम बड़ा हादसा घटित हो गया। दूसरी मंजिल से ग्राउंड फ्लोर की ओर आ रही एक लिफ्ट अचानक तकनीकी खराबी और केबल वायर टूटने के कारण अनियंत्रित होकर सीधे नीचे जा गिरी। लिफ्ट के धड़ाम से गिरने की जोरदार आवाज और भीतर सवार लोगों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के दुकानदार और राहगीर तुरंत मौके पर पहुंचे।
हादसे के वक्त लिफ्ट में सवार सभी 7 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से दरवाजा तोड़कर बाहर निकाला गया और उपचार के लिए नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जोरदार धमाके के साथ गिरी लिफ्ट, शाफ्ट में मच गई अफरा-तफरी प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना शाम के समय घटी जब परिसर में ग्राहकों और व्यापारियों की खासी आवाजाही थी:
- केबल टूटने की आशंका: प्रारंभिक रूप से बताया जा रहा है कि लिफ्ट का मुख्य तार (केबल वायर) अचानक टूट गया या ब्रेक फेल हो गया, जिसके चलते लिफ्ट का संतुलन बिगड़ा और वह फ्री-फॉल होकर सीधे बेसमेंट/ग्राउंड फ्लोर के गड्ढे में जा टकराई।
- दरवाजा काटकर निकाला बाहर: टक्कर इतनी जोरदार थी कि लिफ्ट का दरवाजा बुरी तरह मुड़ गया और अंदर मौजूद लोग भीतर ही फंस गए। मौके पर मौजूद लोगों ने लोहे की रॉड और औजारों की मदद से दरवाजा तोड़कर घायलों को खून से लथपथ हालत में बाहर निकाला।
- फ्रैक्चर और अंदरूनी चोटें: डॉक्टरों के अनुसार, अचानक ऊंचाई से नीचे गिरने के कारण घायलों के पैरों, रीढ़ की हड्डी और घुटनों में गंभीर फ्रैक्चर आए हैं। कुछ लोगों को सिर और सीने में अंदरूनी चोटें लगी हैं। सभी की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
परिसर मेंटेनेंस और सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल हादसे के बाद कॉम्प्लेक्स के दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों का गुस्सा फूट पड़ा:
- नियमित मेंटेनेंस का अभाव: व्यापारियों का आरोप है कि नौलखा स्थित इस कॉम्प्लेक्स में पुरानी लिफ्ट लगी हुई है, जिसकी नियमित सर्विसिंग और फिटनेस जांच (Lift Maintenance Audit) लंबे समय से नहीं कराई गई थी। कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रबंधन ने लिफ्ट की मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया।
- ओवरलोडिंग या तकनीकी फॉल्ट: हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि लिफ्ट में क्षमता से अधिक लोग सवार थे, लेकिन स्थानीय लोगों का तर्क है कि अगर लिफ्ट का सेफ्टी सेंसर और इमरजेंसी ब्रेकिंग सिस्टम सही काम कर रहा होता, तो यह भयानक हादसा टाला जा सकता था।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई घटना की सूचना मिलते ही संबंधित थाना पुलिस (संयोगितागंज/भंवरकुआं क्षेत्र) की टीम मौके पर पहुंची:
- लिफ्ट एरिया को किया सील: पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त लिफ्ट और आसपास के हिस्से को बैरिकेडिंग कर सील कर दिया है।
- तकनीकी जांच और एफआईआर की तैयारी: पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नगर निगम के तकनीकी विशेषज्ञों और विद्युत सुरक्षा निरीक्षकों (Electrical Safety Inspectors) को जांच के लिए बुलाया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर यदि कॉम्प्लेक्स प्रबंधन, लिफ्ट मेंटेनेंस कंपनी या मकान मालिक की ओर से आपराधिक लापरवाही पाई जाती है, तो उनके खिलाफ बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की संबंधित धाराओं में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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