अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और सीधी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी देकर दुनिया भर में सनसनी फैला दी है। शुक्रवार (स्थानीय समय) को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ (Truth Social) पर एक बेहद आक्रामक पोस्ट साझा करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना की 1,000 से अधिक मिसाइलें पूरी तरह तैयार (Locked and Loaded) हैं और उनका रुख सीधे ईरान की तरफ है।
ट्रंप ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि ईरान सरकार ने उन्हें या अमेरिका के किसी भी मौजूदा राष्ट्रपति को जान से मारने या उनकी हत्या की साजिश रचने की हिमाकत की, तो इसके तुरंत बाद हजारों और मिसाइलें दागी जाएंगी।
“आदेश दे दिए गए हैं, अमेरिकी सेना तैयार है”
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्होंने रक्षा विभाग और अमेरिकी सेना को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने पोस्ट में कहा: “1000 मिसाइलें पूरी तरह तैयार हैं और इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान पर निशाना साधे हुए हैं… यदि ईरान सरकार वैश्विक मंचों पर दी जा रही अपनी धमकियों के तहत संयुक्त राज्य अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति—यानी कि मुझे—नुकसान पहुँचाने या हत्या करने का प्रयास करती है, तो तुरंत हजारों और मिसाइलें हमला करेंगी। आदेश पहले ही दिए जा चुके हैं, और अमेरिकी सेना एक साल की अवधि (जिसे बढ़ाया जा सकता है) के लिए ईरान के सभी क्षेत्रों को पूरी तरह से नष्ट और नेस्तनाबूद करने के लिए पूरी तरह तैयार है।”
क्यों भड़के ट्रंप? सर्वोच्च नेता के जनाजे में लगे थे नारे
राजनैतिक और खुफिया सूत्रों के अनुसार, ट्रंप का यह गुस्सा हाल ही में ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता आयतल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान सामने आए घटनाक्रम के बाद फूटा है।
- हत्या के खुले आह्वान: खामेनेई के जनाजे की रस्मों और रैलियों के दौरान भारी भीड़ ने अमेरिका विरोधी नारे लगाए और खुलेआम डोनाल्ड ट्रंप व इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को जान से मारने के पोस्टर लहराए थे।
- बिलबोर्ड पर निशाना: एक मुख्य मार्ग पर लगे बड़े होर्डिंग में ट्रंप की तस्वीर पर सीधे बुलेट (गोली) का निशान बनाकर उन्हें निशाना बनाने की बात कही गई थी।
- खुफिया इनपुट: इसके अलावा, ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को हाल ही में इजरायल से ऐसे इनपुट मिले थे कि ईरान ट्रंप की हत्या के लिए एक नई और गंभीर साजिश (Plot) पर काम कर रहा है, जिसके बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल को अत्यधिक कड़ा कर दिया गया था।
तनाव की दूसरी बड़ी वजह: ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ पर जंग की स्थिति
मिसाइल अटैक की इस खुली धमकी के पीछे केवल व्यक्तिगत सुरक्षा ही नहीं, बल्कि वैश्विक व्यापारिक कॉरिडोर पर जारी भारी सैन्य रस्साकशी भी है:
- सीजफायर हुआ खत्म: इस हफ्ते की शुरुआत में ईरान द्वारा ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ (Strait of Hormuz) से गुजर रहे तीन मर्चेंट जहाजों (टैंकरों) पर हमला किए जाने के बाद दोनों देशों के बीच चल रहा अस्थाई युद्धविराम पूरी तरह टूट गया है।
- अमेरिकी एयर स्ट्राइक्स: इसके जवाब में अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पिछले 48 घंटों में ईरान के भीतर एयरपोर्ट रनवे और मिसाइल लॉन्च पैड्स सहित करीब 90 ठिकानों पर भारी बमबारी की है।
- अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग का विवाद: अमेरिका की मांग है कि ईरान सार्वजनिक बयान जारी कर यह स्वीकार करे कि यह अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग खुला रहेगा और किसी जहाज पर हमला नहीं होगा। इसके विपरीत, तेहरान का कहना है कि इस रूट पर उसका संप्रभु नियंत्रण है और वहां से गुजरने वाले जहाजों को ईरान को टैक्स (फीस) देना होगा।
ईरान का पलटवार: “हम झुकेंगे नहीं”
ट्रंप की इस धमकी के बाद ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराक्ची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने भी कड़ा रुख अपनाया है। ईरान की संसद के अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि तेहरान अमेरिकी दादागिरी के आगे कभी घुटने नहीं टेकेगा और यदि अमेरिका ने किसी भी समझौते या अंतरराष्ट्रीय नियम का उल्लंघन कर हमला किया, तो उसे ‘ईंट का जवाब पत्थर से’ दिया जाएगा। ईरान की सेना ने भी तटीय इलाकों और संवेदनशील सीमाओं पर अपने एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह हाई अलर्ट पर रख दिया है।
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