मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने विंध्य क्षेत्र के प्रमुख केंद्र रीवा में आधुनिक नगरीय परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से नई इलेक्ट्रिक बसों (E-Buses) को हरी झंडी दिखाकर विधिवत रवाना किया। शहर में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और नागरिकों को आधुनिक, वातानुकूलित व किफायती आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में इस सेवा को एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
लोकार्पण अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में शहरवासी उपस्थित रहे। ई-बस को रवाना करने से पहले उप मुख्यमंत्री ने बस का विधिवत पूजन किया और अधिकारियों के साथ बस के भीतर का निरीक्षण कर यात्री सुविधाओं का जायजा लिया।
प्रदूषण मुक्त और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हैं नई ई-बसें
शुरू की गई नई इलेक्ट्रिक बसें आधुनिक तकनीक और सुरक्षा मानकों के आधार पर तैयार की गई हैं:
- जीरो एमिशन (प्रदूषण रहित): ये बसें 100% बैटरी चालित हैं, जिससे शहर में ध्वनि और वायु प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी आएगी।
- यात्री सुरक्षा और निगरानी: महिला और बाल सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बसों में हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम और इमरजेंसी पैनिक बटन (Panic Buttons) लगाए गए हैं।
- दिव्यांगजन-अनुकूल और आरामदायक: लो-फ्लोर डिजाइन के साथ वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग यात्रियों के चढ़ने-उतरने के लिए रैंप की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। आरामदायक सीटों के साथ पूर्ण वातानुकूलित (AC) केबिन दिया गया है।
- स्मार्ट टिकटिंग: यात्रियों के लिए डिजिटल और कैशलेस टिकटिंग की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
“रीवा को आधुनिक और स्मार्ट शहरों की श्रेणी में लाना लक्ष्य” — राजेंद्र शुक्ल
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि रीवा और विंध्य क्षेत्र का सर्वांगीण विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है:
- सुलभ पब्लिक ट्रांसपोर्ट: उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी और यातायात के दबाव के बीच सार्वजनिक परिवहन का सुदृढ़ होना अनिवार्य है। ये ई-बसें शहर के मुख्य रिहायशी इलाकों, अस्पतालों, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड को आपस में जोड़ेंगी।
- अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी: उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बसों के फेरे और समय सारिणी इस तरह तय की जाए जिससे आम जनता, विद्यार्थियों और कामकाजी वर्ग को समय पर सुरक्षित परिवहन का लाभ मिल सके।
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