मध्य प्रदेश के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में सर्वोच्च अंक हासिल करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य और उच्च शिक्षा की राह को सुगम बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजधानी भोपाल स्थित प्रतिष्ठित शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (Subhash Excellence School) में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर ‘मुख्यमंत्री स्कूटी योजना’ के अंतर्गत मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी वितरण महाअभियान का विधिवत शुभारंभ किया।
इस राज्य स्तरीय समारोह में स्कूल शिक्षा मंत्री, स्थानीय जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक और प्रदेश भर से आए मेधावी विद्यार्थी व उनके परिजन उपस्थित रहे।
मेधावी छात्र-छात्राओं को सौंपी चाबियां, खातों में ट्रांसफर हुई राशि शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चयनित मेधावी बालक और बालिकाओं को मंच से प्रतीकात्मक रूप से स्कूटी की चाबियां और हेलमेट सौंपे:
- प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT): योजना के तहत विद्यार्थियों को पेट्रोल अथवा इलेक्ट्रिक स्कूटी (E-Scooty) अपनी पसंद से खरीदने की स्वतंत्रता दी गई है। इसके लिए निर्धारित राशि (ई-स्कूटी हेतु ₹1,20,000 और पेट्रोल स्कूटी हेतु ₹90,000 तक) सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में सिंगल क्लिक के जरिए ट्रांसफर की गई।
- प्रत्येक हायर सेकेंडरी स्कूल के टॉपर्स शामिल: योजना के अंतर्गत प्रदेश के प्रत्येक शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में 12वीं की बोर्ड परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले एक छात्र और एक छात्रा (टॉपर्स) को लाभान्वित किया जा रहा है।
‘शिक्षा और बेटियों के सशक्तिकरण में दूरी अब बाधा नहीं’ — मुख्यमंत्री समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मेधावी विद्यार्थियों का यह सम्मान केवल एक वाहन का वितरण नहीं, बल्कि उनके कड़े परिश्रम, लगन और प्रतिभा की राष्ट्रीय पहचान है:
- उच्च शिक्षा की राह होगी आसान: मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों से आकर आगे कॉलेज की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों, विशेषकर बेटियों को आवागमन में किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े, इस दिशा में यह योजना क्रांतिकारी कदम साबित हो रही है।
- ग्रीन एनर्जी और ई-स्कूटी को प्रोत्साहन: उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रिक स्कूटी को प्राथमिकता दें, जिससे प्रदूषण मुक्त मध्य प्रदेश के संकल्प को भी बल मिले।
सुरक्षा का संदेश: ‘स्कूटी के साथ हेलमेट अनिवार्य’ कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को यातायात नियमों और सुरक्षा के प्रति भी जागरूक किया गया:
- हेलमेट पहनना अनिवार्य: मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को चाबी सौंपते हुए हेलमेट भी भेंट किया और उनसे नियमित रूप से हेलमेट पहनकर व सुरक्षित गति में ही वाहन चलाने का संकल्प दिलवाया।
- ड्राइविंग लाइसेंस में सहयोग: परिवहन और स्कूल शिक्षा विभाग के समन्वय से पात्र छात्र-छात्राओं के ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
भोपाल के मुख्य कार्यक्रम के साथ-साथ प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर भी स्थानीय मंत्रियों, सांसदों और विधायकों की उपस्थिति में जिला स्तरीय स्कूटी वितरण और सम्मान समारोह आयोजित किए गए।
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