राजधानी भोपाल में अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे इंटर्न डॉक्टरों के उग्र प्रदर्शन के चलते शहर की प्रमुख सड़कों पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई। गांधी मेडिकल कॉलेज (GMC) और हमीदिया अस्पताल से जुड़े इंटर्न डॉक्टरों द्वारा निकाले गए पैदल मार्च के कारण वीआईपी रोड (VIP Road) से लेकर पॉलिटेक्निक चौराहे (Polytechnic Square) तक करीब 2 किलोमीटर लंबा भीषण ट्रैफिक जाम लग गया। पीक आवर्स के दौरान लगे इस जाम में सैकड़ों वाहन और कई एंबुलेंस घंटों तक फंसी रहीं, जिससे आम राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
किन मांगों को लेकर सड़क पर उतरे डॉक्टर्स? इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मूलभूत मांगों को लेकर शासन और चिकित्सा शिक्षा विभाग को ज्ञापन सौंप रहे हैं, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला:
- स्टाइपेंड में वृद्धि: डॉक्टरों की प्रमुख मांग अन्य पड़ोसी राज्यों की तुलना में मध्य प्रदेश में इंटर्नशिप स्टाइपेंड को बढ़ाना है।
- ड्यूटी आवर्स और सुरक्षा: अस्पतालों में काम के सुरक्षित माहौल, आपातकालीन ड्यूटी के दौरान पर्याप्त सुरक्षा बल की तैनाती और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की मांग की जा रही है।
2 किमी लंबे जाम से थमी शहर की रफ्तार प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने जैसे ही कलेक्ट्रेट और वल्लभ भवन की ओर मार्च करने का प्रयास किया, पुलिस ने पॉलिटेक्निक चौराहे और आसपास बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने की कोशिश की। इसके चलते:
- वाहनों की लंबी कतारें: कमला पार्क, रेतघाट, वीआईपी रोड और बाणगंगा क्षेत्र में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और गाड़ियां रेंगती नजर आईं।
- यातायात पुलिस की मशक्कत: मौके पर पहुंचे ट्रैफिक पुलिस के आला अधिकारियों और जवानों को डायवर्जन प्लान लागू करने और जाम खुलवाने में काफी पसीना बहाना पड़ा।
प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत कर ज्ञापन लिया है और जल्द से जल्द उनकी मांगों को शासन स्तर पर रखने का आश्वासन दिया है।
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