एशियन गेम्स 2026 के मैट पर भारतीय कुश्ती का डंका बज गया है। पेरिस ओलंपिक पदक विजेता और देश के युवा कुश्ती सनसनी अमन सहरावत ने पुरुषों के 57 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक (Gold Medal) अपने नाम कर लिया है। शनिवार को खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में अमन ने अपनी आक्रामक तकनीक, तेज तर्रार लेग अटैक और बेहतरीन डिफेंस के दम पर विरोधी पहलवान को मात देकर सोने का तमगा भारत की झोली में डाल दिया।
इस ऐतिहासिक खिताबी जीत के साथ अमन सहरावत ने महाद्वीपीय स्तर पर 57 किग्रा भार वर्ग में भारत के दबदबे को एक बार फिर निर्विवाद रूप से साबित कर दिया है।
फाइनल बाउट का रोमांच: शुरुआत से ही हावी रहे अमन
फाइनल मुकाबले में अमन सहरावत ने पहले पीरियड से ही अपने आक्रामक इरादे साफ कर दिए:
- शानदार लेग-अटैक और टेकडाउन: अमन ने शुरुआत में ही विरोधी पहलवान के पैरों पर सटीक आक्रमण करते हुए टेकडाउन हासिल किया और महत्वपूर्ण तकनीकी अंक बटोरे।
- अंतिम पलों में दमदार डिफेंस: मैच के दूसरे पीरियड में जब विरोधी पहलवान ने वापसी की कोशिश में जोखिम भरे दांव चले, तब अमन ने अपने गजब के संतुलन और काउंटर-अटैक से बढ़त को और मजबूत कर लिया। हूटर बजते ही स्कोरबोर्ड ने अमन की एकतरफा जीत पर मुहर लगा दी।
सेमीफाइनल तक का सफर: तकनीकी श्रेष्ठता का बेजोड़ प्रदर्शन
स्वर्ण पदक तक पहुंचने के पूरे सफर में अमन की फॉर्म देखने लायक रही:
- राउंड ऑफ 16 और क्वार्टर फाइनल: टूर्नामेंट के शुरुआती मुकाबलों में अमन ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को संभलने का जरा भी मौका नहीं दिया और तकनीकी श्रेष्ठता (Technical Superiority) के आधार पर बड़े अंतर से जीत दर्ज की।
- सेमीफाइनल की कड़ी चुनौती: सेमीफाइनल के कड़े मुकाबले में अमन ने एशियाई क्षेत्र के मजबूत दावेदार को अंकों के आधार पर परास्त कर खिताबी मुकाबले में अपनी जगह पक्की की थी।
छत्रसाल स्टेडियम से एशियाई खेलों के शिखर तक
हरियाणा के झज्जर जिले से ताल्लुक रखने वाले और दिल्ली के प्रतिष्ठित छत्रसाल स्टेडियम में प्रशिक्षण लेने वाले अमन सहरावत कम उम्र में माता-पिता का साया छिन जाने के बावजूद भारतीय कुश्ती के सबसे भरोसेमंद चेहरों में शुमार हो चुके हैं:
- ओलंपिक में देश को पदक दिलाने के बाद उन्होंने एशियन गेम्स 2026 के लिए विशेष तकनीकी और शारीरिक तैयारी की थी।
- वजन प्रबंधन (Weight Cut) की कड़ी चुनौतियों को पार कर मैट पर उनकी यह स्वर्णिम सफलता युवा एथलीटों के लिए प्रेरणा बन गई है।
खेल जगत और देश में खुशी की लहर
अमन सहरावत के इस स्वर्णिम दांव के साथ ही भारतीय खेमे में जश्न का माहौल है:
- बधाइयों का तांता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय खेल मंत्री और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अमन को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई दी।
- भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI): महासंघ और कुश्ती प्रेमियों ने इसे भारतीय पहलवानी के गौरवशाली दौर का प्रमाण बताया और आगामी विश्व चैंपियनशिप व अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं के लिए इसे मजबूत आधार करार दिया।
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