राजधानी भोपाल के जहांगीराबाद थाने में अधिवक्ता राकेश रावल के साथ कथित मारपीट और वकीलों के हंगामे के बाद निलंबित हुए तत्कालीन थाना प्रभारी (TI) राजन सिंह अहिरवार ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा है। खुद पर और दो आरक्षकों पर दर्ज एफआईआर तथा निलंबन की कार्रवाई के बाद पहली बार चुप्पी तोड़ते हुए निलंबित टीआई ने दावा किया कि उन्हें किसी गलत काम या भ्रष्टाचार के चलते निलंबित नहीं किया गया है, बल्कि एक सोची-समझी साजिश के तहत फंसाया गया है।
वीडियो संदेश में अहिरवार ने पुलिस महकमे की ही एक वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके आने के बाद से थाना स्तर के पुलिसकर्मी लगातार भारी मानसिक तनाव झेल रहे हैं। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए संबंधित महिला अधिकारी को जांच प्रक्रिया से पूरी तरह बाहर रखा जाए।
‘थकावट में फोन फ्लाइट मोड पर डाला, सुबह पता चला खुद के थाने में FIR हो गई’
वीडियो में राजन अहिरवार ने उस रात के घटनाक्रम का सिलसिलेवार ब्योरा साझा किया:
- लगातार ड्यूटी और थकावट: अहिरवार ने बताया कि वे त्योहार और कानून-व्यवस्था के चलते लगातार कई घंटों से ड्यूटी पर थे। अत्यधिक शारीरिक और मानसिक थकावट के कारण उन्होंने अपना मोबाइल फोन फ्लाइट मोड पर डाल दिया था।
- सुबह मिली केस दर्ज होने की सूचना: उन्होंने कहा कि अगली सुबह जब फोन चालू किया, तब जाकर उन्हें मालूम हुआ कि जिस जहांगीराबाद थाने में वे पदस्थ थे, उसी थाने में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई है और उन्हें निलंबित कर दिया गया है।
“सत्य हमेशा सूर्य के समान होता है… बादल छंटेंगे”
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में निलंबित टीआई ने अपने परिचितों, परिवार और समर्थकों से धैर्य रखने की अपील की:
- वर्दी की मर्यादा का हवाला: अहिरवार ने कहा—“एक वर्दीधारी और पुलिस सेवा में होने के नाते हर बात सोशल मीडिया या सार्वजनिक मंच पर खुलकर नहीं कही जा सकती। विभाग की अपनी मर्यादाएं और मजबूरियां होती हैं, जिनका मैं सम्मान करता हूं। लेकिन सत्य हमेशा सूर्य के समान होता है, बादल चाहे कितने भी घने क्यों न हों, एक दिन छंटेंगे जरूर।”
- साक्ष्यों के साथ पेश करेंगे तथ्य: उन्होंने दावा किया कि आने वाले दिनों में वे वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष ठोस साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और दस्तावेजों के साथ अपनी बेगुनाही साबित करेंगे।
दोनों पक्षों से दर्ज हो चुका है क्रॉस केस
उल्लेखनीय है कि 22 सितंबर की रात गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान ट्रैफिक डायवर्जन को लेकर अधिवक्ता राकेश रावल और पुलिसकर्मियों के बीच कहासुनी हुई थी। अधिवक्ता का आरोप था कि उन्हें थाने ले जाकर कीचड़ में धकेला गया, गाली-गलौज की गई और डंडों से पीटा गया। इसके विरोध में वकीलों ने थाने और कमिश्नर कार्यालय का घेराव कर दिया था।
आक्रोश के बाद डीसीपी जोन-1 ने टीआई राजन सिंह अहिरवार, आरक्षक यश लखेरा और रामस्वरूप को निलंबित कर दिया था। पुलिस ने पीड़ित वकील की शिकायत पर तीनों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया, वहीं शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप में अधिवक्ता के खिलाफ भी क्रॉस एफआईआर दर्ज की गई है।
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यह वीडियो रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि किस प्रकार जहांगीराबाद थाने में हुई घटना के बाद वकीलों का आक्रोश भड़का और मामले में टीआई सहित पुलिसकर्मियों पर निलंबन की गाज गिरी।












