केंद्रीय मंत्री और गुना-शिवपुरी संसदीय क्षेत्र से सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने संसदीय क्षेत्र के सघन प्रवास के दौरान एक बार फिर अपने चिरपरिचित और आत्मीय अंदाज में नजर आए। जनसंवाद और विकास कार्यों के लोकार्पण-शिलान्यास कार्यक्रमों को संबोधित करते हुए सिंधिया ने आम जनता और स्थानीय प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि क्षेत्र की समस्याओं का समाधान उनकी पहली प्राथमिकता है। जनता को सीधा भरोसा दिलाते हुए उन्होंने मंच से कहा, “आप केवल आकर निवेदन करो, उसके बाद काम कराना और उसे धरातल पर उतारना मेरी जिम्मेदारी है।”
सिंधिया के इस बयान का वीडियो और संदेश स्थानीय स्तर पर खासा चर्चा में है, जहां लोग उनके इस आत्मीय और दृढ़ संकल्पित अंदाज की सराहना कर रहे हैं।
‘जनता का सेवक बनकर निभा रहा हूं फर्ज’ संसदीय क्षेत्र में आयोजित विभिन्न जनसभाओं और स्वागत कार्यक्रमों में सिंधिया ने जनता से सीधा संपर्क साधा:
- पारिवारिक रिश्ते का हवाला: सिंधिया ने कहा कि गुना, शिवपुरी और अशोकनगर की जनता के साथ उनका संबंध केवल एक जनप्रतिनिधि और मतदाता का नहीं, बल्कि पीढ़ियों पुराना एक अटूट पारिवारिक रिश्ता है।
- जवाबदेही और समयबद्ध समाधान: उन्होंने अधिकारियों और पार्टी कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में स्पष्ट किया कि आम जनमानस की समस्याओं, सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और अधोसंरचना से जुड़े प्रस्तावों को फाइलों में अटकने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नागरिक बेझिझक अपनी मांगें रखें, बाकी प्रक्रियाओं को पूरा कराना उनका दायित्व है।
संसदीय क्षेत्र में विकास कार्यों की झड़ी प्रवास के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कई प्रमुख विकास परियोजनाओं की समीक्षा की और नए कार्यों की आधारशिला रखी:
- सड़क और कनेक्टिविटी: ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों को मुख्य राजमार्गों से जोड़ने वाली सड़कों के सुदृढ़ीकरण और स्वीकृत निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
- दूरसंचार और डिजिटल ढांचा: केंद्रीय संचार मंत्री के रूप में उन्होंने संसदीय क्षेत्र के दूरस्थ और वनांचल गांवों तक हाई-स्पीड 4G/5G मोबाइल नेटवर्क और भारतनेट ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन की समीक्षा की।
- सिंचाई और पेयजल योजनाएं: जल जीवन मिशन और स्थानीय मध्यम सिंचाई परियोजनाओं के तहत हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
जनसमस्याओं को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश सिंधिया ने स्थानीय प्रशासनिक अमले को भी कड़े निर्देश दिए कि आम नागरिकों के आवेदनों और शिकायतों का निराकरण पारदर्शी व त्वरित गति से हो:
- उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनसुनवाई केवल औपचारिकता बनकर न रहे; गरीब, किसान और वंचित वर्ग के लोगों को अपने वाजिब काम के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
- विकास परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की वित्तीय या तकनीकी लेटलतीफी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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