नक्सलवाद के खिलाफ जारी अभियान में सुरक्षाबलों को एक बड़ी मनोवैज्ञानिक सफलता मिली है। सुरक्षाबल के जवानों ने रणनीतिक कार्रवाई करते हुए नक्सलियों द्वारा बनाए गए 6 स्मारकों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। ये स्मारक नक्सलियों के प्रचार-प्रसार और स्थानीय ग्रामीणों पर अपना प्रभाव जमाने के प्रमुख केंद्र माने जाते थे।
यहाँ इस ऑपरेशन और इसके महत्व का विस्तृत विवरण दिया गया है:
| विशेषता | विवरण (Details) |
| क्षेत्र | छत्तीसगढ़/मध्य प्रदेश का सीमावर्ती नक्सल प्रभावित इलाका (जैसे बस्तर या कान्हा-भोरमदेव कॉरिडोर) |
| ध्वस्त किए गए स्मारक | 06 (छह) |
| शामिल बल | जिला पुलिस बल, DRG और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) |
| उद्देश्य | नक्सली विचारधारा के प्रतीकों को खत्म करना और शासन की उपस्थिति दर्ज कराना। |
सुरक्षाबलों द्वारा नक्सली स्मारकों को तोड़ना केवल एक ढांचागत कार्रवाई नहीं है, बल्कि इसके गहरे सामरिक मायने हैं:
- विचारधारा पर चोट: नक्सली अक्सर मारे गए अपने साथियों की याद में गाँवों के बाहर या घने जंगलों में कंक्रीट के स्मारक बनाते हैं। इन स्मारकों का उपयोग वे ग्रामीणों को डराने, बैठकें आयोजित करने और युवाओं को गुमराह करने के लिए करते हैं। इन्हें ध्वस्त करने से उनकी ‘शहीद’ वाली छवि को गहरा धक्का लगता है।
- सुरक्षाबलों का बढ़ता प्रभाव: पहले नक्सली क्षेत्रों में घुसना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन अब सुरक्षाबल उन इलाकों तक पहुँच रहे हैं जिन्हें कभी ‘मुक्त क्षेत्र’ (Liberated Zone) माना जाता था। स्मारकों का ध्वस्तीकरण यह संदेश देता है कि अब वहाँ नक्सलियों का नहीं, बल्कि कानून का राज है।
- ग्रामीणों का विश्वास जीतना: प्रशासन इन स्मारकों की जगह अब विकास कार्यों (जैसे स्कूल, आंगनवाड़ी या सड़क) को प्राथमिकता दे रहा है। ग्रामीणों को यह समझाया जा रहा है कि विकास ईंटों के स्मारकों में नहीं, बल्कि शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में है।
- ऑपरेशन की रणनीति: जवानों ने खुफिया जानकारी के आधार पर इन स्मारकों को चिन्हित किया था। कार्रवाई के दौरान इलाके की घेराबंदी (Cordon) की गई ताकि किसी भी अप्रिय घटना या नक्सलियों के जवाबी हमले को रोका जा सके। जेसीबी और मैन्युअल तरीके से इन ढांचों को मलबे में तब्दील कर दिया गया।
अधिकारी का बयान: “ये स्मारक अवैध कब्जे का हिस्सा थे और अलगाववाद को बढ़ावा देते थे। शासन की मंशा स्पष्ट है—भय का खात्मा और विकास का उदय।”
















