नागपुर से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहाँ एम्स (AIIMS) नागपुर में भर्ती एक मासूम बच्चे ने कफ सिरप के संदिग्ध दुष्प्रभावों के कारण दम तोड़ दिया। डॉक्टरों के अनुसार, कफ सिरप के सेवन के बाद बच्चे की दोनों किडनियां पूरी तरह फेल हो गई थीं, जिसे मेडिकल भाषा में ‘एक्यूट किडनी इंजरी’ (AKI) कहा जाता है।
यह घटना एक बार फिर उन कफ सिरप की गुणवत्ता और बच्चों को दी जाने वाली दवाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है, जो पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवादों में रहे हैं।
| विवरण | जानकारी (Key Details) |
| पीड़ित | 2 साल का मासूम बच्चा। |
| अस्पताल | एम्स (AIIMS), नागपुर। |
| प्रारंभिक लक्षण | खांसी-जुकाम के बाद यूरिन (पेशाब) बंद होना और शरीर में सूजन। |
| मौत का कारण | मल्टी-ऑर्गन फेलियर (मुख्य रूप से दोनों किडनियां फेल)। |
नागपुर एम्स के डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था। जांच में पता चला कि स्थानीय क्लीनिक से दी गई कफ सिरप पीने के कुछ ही समय बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी थी।
विशेषज्ञों की चिंता:
- जहरीले तत्व (Diethylene Glycol): अक्सर नकली या घटिया गुणवत्ता वाले कफ सिरप में डायथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) और एथिलीन ग्लाइकॉल (EG) जैसे जहरीले सॉल्वेंट्स पाए जाते हैं। ये तत्व सीधे किडनी पर हमला करते हैं और उसे फिल्टर करने की क्षमता से वंचित कर देते हैं।
- तेजी से असर: बच्चों का मेटाबॉलिज्म वयस्कों की तुलना में अलग होता है। इन जहरीले तत्वों का थोड़ा सा अंश भी बच्चों के अंगों को स्थायी रूप से नुकसान पहुँचा सकता है।
- डॉक्टरों की चेतावनी: एम्स के बाल रोग विशेषज्ञों ने माता-पिता से अपील की है कि वे बिना डॉक्टरी सलाह के मेडिकल स्टोर से सीधे कफ सिरप खरीदकर बच्चों को न दें। विशेष रूप से उन सिरप से बचें जिनमें ‘डेक्सट्रोमेथॉर्फन’ या ‘कोडीन’ की अधिक मात्रा हो। [Image showing a red warning sign over generic cough syrup bottles]
कार्रवाई की मांग: पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने मामले को संज्ञान में लिया है। जिस मेडिकल स्टोर और डॉक्टर ने वह सिरप प्रिस्क्राइब किया था, उनकी जांच की जा रही है। सिरप के सैंपल को लैब में टेस्टिंग के लिए भेजा गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसमें कोई प्रतिबंधित रसायन तो नहीं था।
माता-पिता के लिए जरूरी गाइडलाइन
- ओवर-द-काउंटर (OTC) से बचें: खुद से डॉक्टर न बनें। साधारण सर्दी-खांसी में भी विशेषज्ञ की सलाह लें।
- ब्रांड की जांच करें: केवल प्रतिष्ठित और लाइसेंस प्राप्त फार्मेसी से ही दवा खरीदें।
- एक्सपायरी और सील: दवा की सील और एक्सपायरी डेट हमेशा चेक करें।
- घरेलू उपचार: 1 साल से छोटे बच्चों के लिए भाप (Steam) और शहद (Honey) जैसे घरेलू उपचार कफ सिरप से कहीं अधिक सुरक्षित माने जाते हैं।
















