यह घटना छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के हथखोज औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक स्टील कास्टिंग यूनिट में शुक्रवार (23 जनवरी 2026) की सुबह हुई। जब मजदूर अपनी शिफ्ट में काम कर रहे थे, तभी अचानक बॉयलर में तेज धमाका हुआ।
| विवरण | जानकारी |
| स्थान | इस्पात फैक्ट्री, हथखोज, दुर्ग (CG) |
| मृतकों की संख्या | कुल 6 (सभी गया, बिहार के निवासी) |
| गंभीर घायल | 4 अन्य (अस्पताल में भर्ती) |
| कारण (प्राथमिक) | बॉयलर का अत्यधिक दबाव (Pressure) और तकनीकी खराबी। |
मृतक मजदूर गया जिले के बेलागंज, खिजरसराय और टनकुप्पा प्रखंड के रहने वाले थे। इनमें से अधिकांश युवा थे जो अपने परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे।
घटना के बाद की स्थिति:
- परिजनों का बुरा हाल: जैसे ही मौतों की खबर गया पहुँची, गांवों में चीख-पुकार मच गई। खिजरसराय के मृतक संतोष कुमार के पिता ने रोते हुए कहा, “वह पिछले महीने ही गया था ताकि बहन की शादी के लिए पैसे जमा कर सके।”
- शवों की वापसी: बिहार और छत्तीसगढ़ सरकार के समन्वय से शवों को एम्बुलेंस के जरिए गया लाया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन ने परिजनों को ढांढस बंधाने के लिए अधिकारियों की टीम भेजी है।
- मुआवजे पर राजनीति: परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने फैक्ट्री मालिक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने और 25-25 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है। छत्तीसगढ़ पुलिस ने फैक्ट्री के संचालक और मैनेजर के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।
जांच के घेरे में सुरक्षा मानक: प्राथमिक जांच में पता चला है कि बॉयलर का सेफ्टी सर्टिफिकेट एक्सपायर हो चुका था और कर्मचारियों को पर्याप्त सेफ्टी गियर (सुरक्षा उपकरण) नहीं दिए गए थे। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं।
मृतकों की सूची (गया जिला)
- संतोष कुमार (बेलागंज)
- अजय यादव (खिजरसराय)
- मिथिलेश सिंह (टनकुप्पा)
- (अन्य 3 की पहचान की पुष्टि उनके आधार कार्ड के जरिए की जा रही है)।

















